Bank Stocks: बैंकिंग सेक्टर एक बार फिर निवेशकों के रडार पर है। देश के दो सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank और ICICI Bank ने पहली तिमाही (Q1) के नतीजे जारी कर दिए हैं। दोनों बैंकों के रिजल्ट्स के बाद बाजार में अलग-अलग प्रतिक्रिया देखने को मिली। जहां HDFC Bank के शेयरों पर दबाव नजर आया, वहीं ICICI Bank के नतीजों को अपेक्षाकृत बेहतर माना गया।

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चूंकि ये दोनों बैंक Bank Nifty में सबसे ज्यादा वेटेज रखने वाले शेयरों में शामिल हैं, इसलिए इनके प्रदर्शन का असर पूरे बैंकिंग इंडेक्स और शेयर बाजार पर पड़ सकता है।

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HDFC Bank के नतीजे कैसे रहे?

HDFC Bank का पहली तिमाही का मुनाफा सालाना आधार पर करीब 5% बढ़कर ₹16,260 करोड़ रहा। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) लगभग 7% बढ़कर ₹33,534 करोड़ पहुंच गई।

हालांकि कुछ आंकड़ों ने बाजार को निराश भी किया। बैंक की अन्य आय (Other Income) में करीब 41% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी करीब 21% की कमी आई। इसके अलावा प्रोविजन बढ़े हैं और ग्रॉस NPA तथा नेट NPA दोनों में तिमाही आधार पर हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली। वहीं बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) भी पहले के मुकाबले घटा है।

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Q1 Reults के बाद HDFC Stock पर दबाव

रिजल्ट्स आने के बाद HDFC Bank के शेयर में लगभग 4-5% की गिरावट देखने को मिली। एक्सपर्ट्स का मानना है कि HDFC Bank बैंकिंग सेक्टर का सबसे बड़ा प्रतिनिधि शेयर है, इसलिए इसमें कमजोरी आने का असर पूरे Bank Nifty पर दिखाई दे सकता है।

हालांकि उनका कहना है कि पिछले कुछ महीनों में शेयर पहले ही करीब 20-25% तक का करेक्शन देख चुका है, जिसे एक सामान्य और हेल्दी करेक्शन माना जा सकता है।

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HDFC Bank में निवेशकों को क्या करना है?

विश्लेषकों के अनुसार फिलहाल ₹750 का स्तर HDFC Bank के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

अगर शेयर इस स्तर के नीचे फिसलता है तो इसमें और कमजोरी देखने को मिल सकती है। वहीं अगर यह स्तर बना रहता है तो शेयर में दोबारा रिकवरी की संभावना बनी रह सकती है। निवेशकों को इस स्तर पर खास नजर रखने की सलाह दी जा रही है।

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ICICI Bank के नतीजे उम्मीद से बेहतर

ICICI Bank ने पहली तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया। बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 16% बढ़कर ₹14,804 करोड़ रहा। वहीं नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) करीब 13% बढ़कर ₹24,385 करोड़ पहुंच गई।

इसके अलावा बैंक के ग्रॉस NPA में सुधार देखने को मिला। रिटर्न ऑन एसेट (ROA) और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) दोनों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। साथ ही बैंक का प्रोविजन भी पिछले साल की तुलना में कम रहा, जिसे सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

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ICICI के शेयर में बड़ी तेजी क्यों नहीं आई?

बेहतर नतीजों के बावजूद ICICI Bank के शेयर में अपेक्षित तेजी देखने को नहीं मिली।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी सबसे बड़ी वजह HDFC Bank में आई तेज गिरावट रही। क्योंकि HDFC Bank का Bank Nifty में बड़ा वेटेज है, इसलिए उसके कमजोर प्रदर्शन का असर पूरे बैंकिंग सेक्टर के मूड पर पड़ा और ICICI Bank भी इससे पूरी तरह अलग नहीं रह सका।

ICICI Bank पर एक्सपर्ट की क्या राय है?

विश्लेषकों के मुताबिक ICICI Bank के फंडामेंटल अभी भी मजबूत दिखाई देते हैं।

उनका मानना है कि अगर बैंकिंग सेक्टर में सकारात्मक माहौल बना रहता है तो ICICI Bank में आगे बेहतर प्रदर्शन देखने को मिल सकता है। इसलिए यह शेयर निवेशकों की वॉचलिस्ट में बना रह सकता है।

PSU Banks या Private Banks, किसे चुनें?

हाल के दिनों में PNB समेत कई PSU बैंकों में अच्छी तेजी देखने को मिली है। हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि लंबी अवधि के नजरिए से मजबूत प्राइवेट बैंक अभी भी बेहतर विकल्प हो सकते हैं।

उनके अनुसार PSU बैंकों ने पिछले कुछ वर्षों में सुधार जरूर किया है, लेकिन ऐतिहासिक रूप से NPA और एसेट क्वालिटी से जुड़ी चुनौतियां इस सेक्टर में ज्यादा रही हैं। वहीं HDFC Bank और ICICI Bank जैसे बड़े प्राइवेट बैंक बेहतर बैलेंस शीट और स्थिर ग्रोथ के कारण निवेशकों का भरोसा बनाए रखते हैं।

Investors के लिए क्या है Strategy?

अगर बैंकिंग सेक्टर में निवेश की योजना बना रहे हैं तो केवल रिजल्ट्स देखकर फैसला लेने के बजाय शेयर के तकनीकी स्तर, वैल्यूएशन और सेक्टर के ट्रेंड पर भी नजर रखना जरूरी है।

HDFC Bank के लिए आने वाले दिनों में ₹750 का स्तर महत्वपूर्ण रहेगा, जबकि ICICI Bank पर निवेशकों की नजर बनी रह सकती है। वहीं लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मजबूत प्राइवेट बैंक अभी भी पसंदीदा विकल्प बने हुए हैं।