नयी दिल्ली। अगर आपका बैंक से जुड़ा कोई काम तो उसे तुरंत निपटा लें। क्योंकि देशव्यापी हड़ताल के चलते बैंक दो दिन बंद रहेंगे। 31 जनवरी और 1 फरवरी को बैंक कर्मचारी हड़ताल पर जायेंगे। भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के साथ वेतन बढ़ोतरी को लेकर बातचीत विफल होने के बाद, बैंक कर्मचारी यूनियनों ने आज दो दिन की राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का ऐलान किया है। बता दें कि 1 फरवरी को बजट पेश किया जाने वाला है। यानी बजट वाले दिन भी बैंक ब्रांच बंद रहेंगी। इसीलिए इस बैंक हड़ताल का समय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 31 जनवरी को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा, जबकि 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना दूसरा बजट पेश करेंगी। बता दें कि 8 जनवरी को भारत बंद के साथ की गयी हड़ताल के बाद बैंक कर्मचारियों की यह महीने की दूसरी हड़ताल होगी। 1 फरवरी को महीने का पहला शनिवार है, इसलिए सभी कारोबारी बैंक बजट के दिन खुले रहते। यहां तक कि स्टॉक एक्सचेंजों ने बजट के कारण 1 फरवरी को बाजार खोलने का फैसला किया है।

Advertisement

नहीं निकला बैठकों का कोई नतीजा
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस या यूएफबीयू के 9 घटकों के प्रतिनिधियों ने आईबीए के साथ एक द्विपदीय वार्ता की थी, जिसमें कई वेतन-संबंधी मांगों को ठुकरा दिया गया था। आईबीए ने 12.25 फीसदी वेतन वृद्धि, मूल वेतन के साथ विशेष भत्ते के विलय और हफ्ते में 5-दिन कार्य सप्ताह के एक प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। यूएफबीयू के जनरल सेक्रेटरी देबाशीष बसु चौधरी के अनुसार यूनियनों के बीच आईबीए के प्रस्तावों पर चर्चा के बाद यूएफबीयू ने इसे स्वीकार करने में असमर्थता जतायी। इसके बाद यूएफबीयू की निर्धारित बैठक की गई और आंदोलन तथा हड़ताल की कार्रवाई शुरू करने के निर्णय लिए गए।

Advertisement

मार्च में फिर होगी हड़ताल
बैंक यूनियनों ने कहा है कि यदि उनकी मांगे नहीं मनी गयी तो वे 11-13 मार्च को फिर से तीन दिन की हड़ताल करेंगे। इतना ही नहीं अगर फिर भी मांगे न मानी गयीं तो वे 1 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जायेंगे। कई पीएसयू बैंकों के विलय के लिए बैंक यूनियन नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ हैं।

Advertisement

यह भी पढ़ें - एटीएम के बाद अब शुरू हुए केवाईसी फ्रॉड, यहां जानें बचने का तरीका