Bajaj Finance Share Price: शेयर बाजार में बीते कई दिनों से हलचल देखने को मिल रही है। 16 जून को बजाज फाइनेंस के शेयर का भाव देखकर ज्यादातर लोग परेशान हो गए। दरअसल, शुक्रवार को यह शेयर 9331 के पर बंद हुआ था, वहीं शेयर सोमवार को 1000 से भी नीचे पर ट्रेड कर रहा था। हर कोई जानना चाहता था कि शेयर के प्राइस में अचानक 90% की गिरावट कैसे आई?

Advertisement

बजाज फाइनेंस के शेयरों में अचानक गिरावट का कारण

दरअसल, भारत की सबसे बड़ी नॉन-बैंकिंग कंपनियों में से एक बजाज फाइनेंस ने मार्च तिमाही के रिजल्ट के साथ कुछ बड़े ऐलान किए थे। इन्हीं घोषणाओं के चलते सोमवार को प्राइस 932 तक गिर गया। 29 अप्रैल को कंपनी ने पूरे H2 वन के रेश्यो में बोनस शेयर देने का ऐलान किया था। यानी, अगर आपके पास बजाज फाइनेंस का एक शेयर है, तो अब आपको उसके बदले चार शेयर बोनस में मिलेंगे।

Advertisement

इसके साथ ही कंपनी ने शेयर को स्प्लिट करने का भी अनाउंस किया था, 1/2 में यानी, अगर एक शेयर है तो दो हिस्सों में बंट जाएगा। अब अगर आपके पास मान लीजिए 10 शेयर्स हैं, तो ये स्प्लिट होकर आपके पास 20 हो जाएंगे और बोनस होने के कारण हर एक शेयर पर चार शेयर बोनस में मिलेंगे, तो आपके 20 शेयर पर 80 शेयर्स बोनस के तौर पर मिलेंगे, यानी आपके पास टोटल 100 शेयर्स हो जाएंगे और जब बोनस शेयर दिया जाता है, तो प्राइस भी उसी रेश्यो में डिवाइड हो जाता है। यही वजह थी कि 16 जून को यह शेयर 932 पर ट्रेड करता नजर आया।

Advertisement

इससे न आपके इन्वेस्टमेंट की वैल्यू कम हुई है, न ही शेयर की बस प्राइस कम हो जाने की वजह से शेयर अब ज्यादा लोग खरीद सकेंगे। पहले एक शेयर के लिए 9000 से ज्यादा कीमत देनी पड़ रही थी, जो सभी के लिए पॉसिबल नहीं था, लेकिन 900 की रेंज में होने की वजह से अब इसमें ज्यादा रिटेल इन्वेस्टमेंट कर पाएंगे।

Advertisement

अब शेयर्स की क्वांटिटी बढ़ गई है, लेकिन कंपनी के शेयर्स की परफॉर्मेंस अभी भी कंपनी के फंडामेंटल्स, परफॉर्मेंस और मार्केट सेंटीमेंट से ही डिसाइड होंगे। कहने का मतलब ये है कि इन्वेस्टर्स को इससे घबराने की जरूरत नहीं है और ये बिल्कुल न सोचें कि कंपनी डूबने वाली है।