Companies in Loss : सितंबर तिमाही में 7,562.8 करोड़ रुपये के नुकसान की रिपोर्ट के बाद कर्ज में डूबी दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया दूसरी तिमाही में भारत में सबसे अधिक घाटे में चलने वाली कंपनी बन गई है। वोडाफोन ही नहीं अन्य कंपनियां भी घाटे में चल रही हैं। सबसे खराब बॉटमलाइन वाली टॉप 10 कंपनियों की सूची में HPCL, स्पाइसजेट और पेटीएम का भी नाम शामिल है।
अब तक 4,000 से अधिक लिस्टेट कंपनियों ने अपनी रिपोर्ट की घोषणा की है, इन कंपनियों में से से 1,100 से अधिक कंपनियां घाटे में रही हैं। वोडाफोन आइडिया के वित्तीय संकट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कंपनी के शेयर अपने 52 सप्ताह के उच्च स्तर से 50 प्रतिशत से अधिक गिर गए हैं।
HPCL का है बुरा हाल
तेल डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी एचपीसीएल तिमाही के दौरान 2,172 करोड़ रुपये के घाटे के साथ दूसरी सबसे बड़ी घाटे की कंपनी बनकर उभरी है। इस दौरान कंपनी के स्टॉक अपने 52-सप्ताह के उच्च स्तर से 36 प्रतिशत से अधिक नीचे गिर गए हैं।
दो एयरलाइंस कंपनियां भी हैं शामिल
इंटरग्लोब एविएशन और स्पाइसजेट ने 1,585.49 करोड़ रुपये और 837.88 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया है। इन दो एयरलाइ कंपनियों के बाद PSU कंपनी मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स ने दूसरी तिमाही में 1,789.14 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया है। यह कंपनी ओएनजीसी की सहायक कंपनी है। सरकार द्वारा लगाए गए अप्रत्याशित टैक्स के कारण कंपनी को यह नुकसान झेलना पड़ा है। जून 2022 में कंपनी के स्टॉक 127.60 रुपये के 1 साल के उच्च स्तर पर पहुंचे थे। तब से अब तक स्टॉक लगभग 59 प्रतिशत गिर गए हैं।
Varroc Engineering और पेटीएम का भी है बुरा हाल
Varroc Engineering और Macrotech Developers, महानगर टेलीफोन निगम और Jaypee Infratech ने भी अपनी रिपोर्ट में भारी नुकासन दिखाया है।
वन97 कम्युनिकेशंस यानी की पेटीएम ने दूसरी तिमाही में 588.8 करोड़ रुपये का दसवां सबसे बड़ा घाटा दर्ज किया है। लिस्ट होने के साथ से ही कंपनी के लागातार घाटे में है। हालांकि कंपनी सितंबर 2023 तक फिर से लाभ में आने को लेकर आश्वस्त है। वर्तमान में कंपनी का स्टॉक अपने 52-सप्ताह के उच्च स्तर से 74 प्रतिशत तक गिर गया है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए
मल्टीबैगर रिटर्न पाने की उम्मीद में कई नए निवेशक अक्सर घाटे में चल रही कंपनियों पर दांव लगाते हैं। कई बार ऐसा करना बर्बादी साबित होती है। बाजार के विशेषज्ञ इस तरह के उम्मीद के कारोबार के खिलाफ चेतावनी देते हैं और हाई डेवलेपमेंट संभावना वाली कंपनियों पर ध्यान केंद्रित करने का सुझाव देते हैं।
किसी भी स्टॉक को खरीदने से पहले उसके बेसिक को समझना बहुत जरुरी है। बिना रिसर्च के इनवेस्टमेंट न करें।
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