नई दिल्ली। योगगुरु बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेदिक ने अब किसानों की सीधी मदद का फैसला किया है। पतंजलि ने इसको लेकर मेगा प्लान बनाया है। पतंजलि के इस प्लान से किसानों को अपनी कमाई बढ़ाने में मदद मिलेगी। पतंजलि अब किसानों को उन्नत नस्ल के बीज मुहैया कराएगी, जिससे खेती व किसानी आसान होगी।
कृषि मंत्री ने की सराहना
जैविक कृषि में पतंजलि के कार्यों की सराहना करते हुए कृषि मंत्री ने कहा, "आईसीएआर और पतंजलि के बीच इस समझौते से एक दूसरे के सहयोग से आम किसानों के हित में काम करेंगे और आईसीएआर के अनुसंधान का आम किसानों को लाभ मिलेगा।" उन्होंने कहा कि पतंजलि के सहयोग से जैविक खेती का देशभर में प्रसार होगा।
पतंजलि बायो रिसर्च इंस्टीट्यूट (पीबीआरआई) ने अनुसंधान संगठन राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के साथ एक समझौता किया। पतंजलि आयुर्वेद के अध्यक्ष आचार्य बालकृष्ण और आईसीएआर के महानिदेशक त्रिलोचन महापात्रा ने यहां केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की मौजूदगी में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस मौके पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री पुरुषोत्तम रूपाला, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी और आईसीएआर के अंतर्गत आने वाले भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) के अधिकारी मौजूद थे।
इस मौके पर आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के साथ पतंजलि रिसर्च का आज एक एमओयू हुआ है, जिससे कृषि के क्षेत्र में एक नया आयाम जुड़ेगा। पतंजलि रिसर्च ने थोड़े ही कार्यकाल में 5 से अधिक रिसर्च पेटेंट किए हैं। हम पूरी दुनिया में कृषि उत्पादों को पहुंचाने के लिए प्रयासरत हैं। एक सवाल का जवाब देते हुए आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि के माध्यम से किसानों को उन्नत नस्ल के बीच भी मुहैया करवाए जाएंगे।
आईसीएआर के महानिदेशक त्रिलोचन महापात्रा ने कहा कि आज के दौर में आवश्यक काफी प्रौद्योगिकी हमारे पास है। जैविक खेती के लिए हमने 51 पद्धतियां बनाई हैं और एकीकृत खेती पद्धति भी 50 से अधिक है। बायोफोर्टिफाइड क्रॉप वेरायटी हमारे पास 52 हैं और बन रहे हैं जो कुपोषण दूर करने में कामयाब साबित होगा। इसी तरह जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए हमारे पास प्रौद्योगिकी है। उन्होंने कहा कि पतंजलि के साथ जितने किसान पहले से जुड़े हुए हैं, उनके पास अगर हमारी प्रौद्योगिकी की जानकारी जाएगी तो प्रौद्योगिकी का प्रसार होगा और किसानों को लाभ होगा। साथ ही विशेषज्ञों के क्षमता निर्माण की दिशा में भी मदद मिलेगी। महापात्रा ने बताया कि पतंजलि के साथ समझौते से जैविक खेती का प्रसार होगा।
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