Aye Finance IPO: शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए फरवरी का महीना खास होने वाला है, क्योंकि Aye Finance अपना आईपीओ लेकर आ रही है। यह कंपनी उन छोटे व्यापारियों और माइक्रो MSME पर ध्यान देती है, जिन्हें आमतौर पर बैंकों से लोन मिलने में दिक्कत होती है। इसी वजह से Aye Finance का यह पब्लिक इश्यू निवेशकों के बीच चर्चा में है।

Advertisement

कब खुलेगा IPO

Aye Finance का आईपीओ 9 फरवरी से खुलेगा और 11 फरवरी तक निवेश किया जा सकेगा। कंपनी ने इसके लिए 122 रुपए से 129 रुपए प्रति शेयर का प्राइस बैंड रखा है। एक लॉट में 116 शेयर होंगे, यानी रिटेल निवेशकों को कम से कम इतने शेयरों के लिए आवेदन करना होगा।

Advertisement

कितना पैसा जुटाएगी कंपनी

Aye Finance इस इश्यू के जरिए करीब 1010 करोड़ रुपए जुटाने की योजना बना रही है। इसमें से एक बड़ा हिस्सा नए शेयर जारी करके आएगा, जबकि बाकी रकम मौजूदा निवेशकों द्वारा शेयर बेचने से मिलेगी। कंपनी के मुताबिक, जुटाई गई रकम का इस्तेमाल लोन बिजनेस को बढ़ाने, नए ग्राहकों तक पहुंच बनाने और तकनीकी सिस्टम को मजबूत करने में किया जाएगा।

Advertisement

निवेशकों के लिए रिजर्वेशन

इस इश्यू में ज्यादातर शेयर बड़े निवेशकों के लिए रखे गए हैं। करीब 75 फीसदी हिस्सा संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित है। वहीं 15 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों और लगभग 10 फीसदी रिटेल निवेशकों के लिए तय किया गया है। इससे पता चलता है कि कंपनी मजबूत और लंबे समय के निवेशकों को जोड़ना चाहती है।

कंपनी का बिजनेस मॉडल

Aye Finance एक NBFC है, जिसकी शुरुआत 1993 में हुई थी। कंपनी छोटे दुकानदारों, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और सर्विस सेक्टर से जुड़े कारोबारियों को बिजनेस लोन देती है। यह सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड दोनों तरह के लोन उपलब्ध कराती है। फिलहाल कंपनी देश के कई राज्यों में लाखों ग्राहकों को सेवाएं दे रही है।

Advertisement

क्यों है निवेशकों की नजर

MSME सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है और आने वाले समय में इसके विस्तार की उम्मीद है। इसी सेक्टर पर फोकस होने की वजह से Aye Finance को ग्रोथ की अच्छी संभावना वाली कंपनी माना जा रहा है। हालांकि, NBFC सेक्टर में जोखिम भी होते हैं, इसलिए निवेश से पहले पूरी जानकारी लेना जरूरी है।

Advertisement

Aye Finance का आईपीओ उन निवेशकों के लिए एक मौका हो सकता है, जो फाइनेंस सेक्टर में लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं और छोटे कारोबार की बढ़ती जरूरतों पर भरोसा रखते हैं।