नई द‍िल्‍ली: अगर आप एक्‍स‍िस बैंक में काम करते है तो आपके ल‍िए अच्‍छी खबर है। जी हां एक्‍स‍िस बैंक में काम करने वाले कर्मचार‍ियों की द‍िवाली अच्‍छी मनने वाली है। दरअसल बात ये है कि बैंक ने अपने कर्मचार‍ियों के सैलरी में बढ़ोतरी की है।

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अचानक आई इस आर्थिक संकट के हालातों के बीच ज्‍यादातर कंपनियां अपने कारोबार को बनाए रखने के लिए या तो कर्मचरियों की छंटनी कर खर्च कम रही हैं या उनके वेतन में कटौती कर बचत कर रही हैं। लेकिन एक्‍स‍िस बैंक ने अचानक से बढ़ोतरी करके कर्मचारियों को मुश्किल घड़ी में मदद की है।

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4 से 12 प्रतिशत तक बढ़ेगी सैलरी
इस वजह से लाखों लोग अपनी नौकरी खो चुके हैं। लेकिन इस मुश्‍किल घड़ी में देश के तीसरे सबसे बड़े निजी कर्जदाता एक्सिस बैंक ने अपने 76,000 कर्मचरियों के वेतन में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है, इतना ही नहीं बैंक उन्‍हें बोनस भी दे रहा है। एक्सिस बैंक लिमिटेड प्रदर्शन के आधार पर अपने कर्मचारियों के वेतन में 4 से 12 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर रहा है। वेतन वृद्धि का ये फैसला 1 अक्‍टूबर 2020 से लागू हो जाएगा।

इन दोनों बैंकों ने भी बढ़ाई थी सैलरी

आपको बता दें कि इससे पहले आईसीआईसीआई और एचडीएफसी बैंक ने भी इसी तरह का फैसला लिया था। एडीएफसी बैंक लिमिटेड ने अप्रैल 2020 में अपने कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का तोहफा दिया था। वहीं आईसीआईसीआई बैंक ने अपने एक लाख कर्मचारियों में से 80 हजार कर्मचारियों को बोनस दिया था और सैलरी बढ़ाई थी। यह फैसला जुलाई से लागू हुआ है। बैंकों ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब महामारी की वजह से प्रदर्शन कुछ खास अच्छा नहीं रहा है।

सैलरी में कटौती

हालांकि, ऐसा नहीं है कि सभी निजी बैंक अपने कर्मचरियों की सैलरी बढ़ा रहे हैं और बोनस दे रहे हैं। महामारी के कारण क्रेडिट ग्रोथ में आई अड़चनों के बीच कई निजी बैंकों ने वेतन कटौती का फैसला भी लिया है। महामारी की वजह से कई निजी बैंकों को परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है। बता दें कि देश के चौथे सबसे बड़े कर्जदाता कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड ने सालाना 25 लाख से ज्यादा वेतन पाने वाले अधिकारियों की सैलरी में 10 प्रतिशत कटौती का फैसला किया है। इसी प्रकार सीनियर मैनेजमेंट के वेतन में 15 प्रतिशत कटौती की जाएगी।

घट गई थी एक्सिस बैंक की रेटिंग

रेटिंग एजेंसी एस एंड पी ग्‍लोबल रेटिंग्‍स ने जून में एक्सिस बैंक की क्रेडिट रेटिंग घटा दी थी। एजेंसी ने चिंता जताई थी कि वैश्विक महामारी के कारण बैंक की एसेट क्‍वालिटी और मुनाफे पर असर पड़ेगा। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने अनुमान लगाया था कि बैंकों के लिए सीएआर 11.8 फीसदी तक लुढ़क सकता है, जो मार्च 2019 में 14.6 फीसदी पर था। इसके बाद भी एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और आईसीआईसीआई बैंक ने इक्विटी मार्केट से 9 अरब डॉलर जुटाए।