ATM Withdrawal Charges: अगर आप एटीएम से पैसे निकालते हैं तो आपके लिए एक बड़ी खबर आ गई है। आपको तय फ्री लिमिट के बाद कैश निकालने पर ज्यादा शुल्क चुकाने पड़ सकते हैं। ATM ऑपरेटर ने इस सिलसिले में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) से संपर्क किया है। चलिए इसके बारे में आपको पूरी जानकारी देते हैं।
आखिर क्यों देना पड़ेगा एटीएम से पैसे निकालने पर ज्यादा चार्ज?
ईटी के अनुसार, एटीएम ऑपरेटर्स ने इंटरचेंज फीस को बढ़ाने की मांग की है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इंटरचेंज फी का भुगतान एक बैंक के द्वारा दूसरे बैंक को किया जाता है।
उदाहरण के लिए मान लीजिए कि एटीएम कार्ड एक्सिस का है और एटीएम मशीन एसबीआई की है तो ऐसे में होने वाले ट्रांजेक्शन के बदले में एक्सिस की ओर से इंटरचेंज फी का भुगतान एसबीआईको किया जाएगा। बैंक आखिर में इस चार्ज का भार ग्राहकों पर ट्रांसफर करते हैं।
इसके लिए एटीएम ऑपरेटर्स ने रिजर्व बैंक और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम यानी एनपीसीआई से संपर्क किया है। अगर इस चार्ज को बढ़ाया जाता है तो एटीएम से कैश निकालने पर ग्राहकों को ज्यादा शुल्क का भुगतान करना पड़ेगा।
इतनी इंटरचेंज फीस बढ़ाने की है मांग
एटीएम उद्योग परिसंघ ने यह जानकारी दी है कि इस इंटरचेंज फीस को बढ़ाकर अधिकतम 23 रुपए प्रति ट्रांजेक्शन किया जाए। ऐसा करने के पीछे का कारण उन्होंने बिजनेस के लिए ज्यादा फंडिंग जुटाने की तरफ किया है।
एटीएम बनाने वाली कंपनी एजीएस ट्रांजैक्ट टेक्नोलॉजीज के कार्यकारी निदेशक स्टेनली जॉनसन के अनुसार, दो साल पहले इंटरचेंज रेट में बढ़ोतरी की गई थी। आरबीआई से संपर्क भी कर रहे हैं और उम्मीद है कि वे इसका समर्थन करेगी।
हमारे द्वारा सीएटीएमआई फीस को बढ़ाकर 21 रुपए करने की अपील है, जबकि कुछ अन्य एटीएम बनाने वाली कंपनियों ने इसे बढ़ाकर 23 रुपए करने की मांग की है। पिछली बार, इसे बढ़ाने में कई साल लग गए थे लेकिन मुझे लगता है कि सभी लोग एकमत हैं और यह केवल समय की बात है कि फीस में बढ़ोतरी कब होगी।
2021 में इंटरचेंज फीस में हुआ था बदलाव
इंटरचेंज फी को आखिरी बार 2021 में बढ़ाया गया था और उस समय इंटरचेंज फीस को 15 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन से बढ़ाकर 17 रुपये किया गया था। ऑपरेटर्स के मुताबिक चार्ज में पिछला बदलाव काफी समय के बाद किया गया था, लेकिन इस बार देरी नहीं होगी। इस बार यह बदलाव जल्दी हो सकता है।
एटीएम निर्माता ने यह भी जानकारी दी है कि इंटरचेंज रेट बढ़ाने के लिए हर जगह अपनी मांगों को उठाया गया है। एनपीसीआई के माध्यम से एक प्रतिनिधित्व भेजा गया है और बैंक भी फीस पर बढ़ोतरी के लिए तैयार है। इंटरचेंज शुल्क में वृद्धि एनपीसीआई द्वारा लिया गया निर्णय है क्योंकि दर उनके द्वारा तय की जाती है।
आपको कितना देना पड़ेगी चार्ज
यदि देश का केन्द्रीय बैंक इस मांग को अमल में लाता है तो इसका असर आपकी जेब पर पड़ सकता है। हालांकि डिजिटल लेनदेन के बढ़ते क्रेज के कारण इसका असर कम होगा लेकिन फिर भी यह बढ़त आज जनता के आर्थिक स्थिति की नांव को डगमगा सकती है। ऐसे में प्रति ट्रांजेक्शन 17 रुपये से बढ़कर निर्धारित किया जा सकता है।
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