नयी दिल्ली। अटल पेंशन योजना के सब्सक्राइबर्स के लिए राहत की खबर आई है। बेहतर पारदर्शिता सुनिश्चित करने और इंफॉर्मेशन गैप को दूर करने के लिए पेंशन फंड रेगुलेटर एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) ने हाल ही में एक सर्कुलर जारी किया है, जिसमें अटल पेंशन योजना (एपीवाई) पॉइंट ऑफ प्रेजेंस (पीओपी) की शाखाओं में एपीवाई सिटीजेन चार्टर को सही ढेग से डिस्प्ले करने के लिए कहा है। इस नए फैसले से यह सुनिश्चित होगा कि एपीवाई लाभार्थियों को पेंशन योजना के नियमों और दिशानिर्देशों के बारे में ठीक से जानकारी मिले। वरना अकसर लोगों को किसी स्कीम के नियमों और दिशानिर्देशों की ठीक से जानकारी नहीं मिल पाती। खास कर उन लाभार्थियों को जो अभी भी इंटरनेट से नहीं जुड़ पाए हैं।
पीएफआरडीए ने एक सर्कुलर जारी करते हुए कहा कि ग्राहकों ने पीओपी की शाखाओं में सेवाओं की कमी के कारण एपीआई-संबंधित सवाल उठाए। इस चार्टर में एपीवाई खाता खोलने, ग्राहकों की डिटेल अपडेट करने, पेंशन राशि को अपग्रेड या डाउनग्रेड करना, एपीवाई से पैसे निकालने और फॉर्म आदि हासिल करने जैसी जानकारी शामिल होगी।
जानकारी के लिए बता दें कि यह योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों पर केंद्रित है, जिसके तहत 1,000 रुपये, 2,000 रुपये, 3,000 रुपये, 4,000 रुपये या 5,000 रुपये प्रति माह की न्यूनतम पेंशन मिलती है। भारत का कोई भी नागरिक एपीआई योजना का लाभ ले सकता है। मगर इसके लिए आयु की सीमा है। इस योजना में 18 से 40 साल के बीच की आयु वाली ही निवेश कर सकता है। आपके पास बचत बैंक खाता / डाकघर बचत बैंक खाता होना जरूरी है। आप एपीआई खाते पर समय-समय पर होने वाली अपडेट प्राप्त करने के लिए रजिस्ट्रेशन के दौरान बैंक को आधार और मोबाइल नंबर प्रदान कर सकते हैं। हालांकि इस योजना से जुड़ने के लिए आधार जरूरी नहीं है।
उस बैंक में जाएं जहां आपका बचत खाता है। यदि आपके पास बचत खाता नहीं है तो अपना बचत खाता खुलवाएं। बैंक खाता नंबर या पोस्ट ऑफिस बचत बैंक खाता संख्या प्रदान करें और बैंक कर्मचारियों की मदद से एपीवाई रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें। आधार / मोबाइल नंबर प्रदान करें। यह अनिवार्य नहीं है, लेकिन आपके योगदान के बारे में जानकारी लेने को सुविधाजनक बनाने के लिए दिया जा सकता है। आप मासिक / तिमाही / छमाही योगदान का विकल्प चुन सकत हैं। आपको उसी हिसाब से अपने बचत खाते में बैलेंस रखना होगा।
इसमें आपको जीवन भर पेंशन मिलगी। योजना के तहत आपको न्यूनतम 1,000 रुपये और अधिकतम 5,000 रुपये की पेंशन मिलेगी। यदि मैच्योरिटी से पहले सब्सक्राइबर की मृत्यु हो जाए तो फिर पेंशन जीवनसाथी को दी जाती है। दोनों की मृत्यु होने पर नॉमिनी को पैसा दिया जाता है। इस योजना में निरंतरता बहुत महत्वपूर्ण है। यानी आपको लगातार योगदान करना जरूरी है। यदि कॉन्ट्रिब्यूशन रुका तो खाता फ्रीज कर दिया जायेगा और फिर बंद हो जाएगा।
अटल पेंशन योजना का मैनेजमेंट पीएफआरडीए करती है। एक बात ध्यान रहे कि इस योजना का प्रीमियम आपको रिटायरमेंट के समय कितनी रु की पेंशन चाहिए इस बात पर आधारित है। दूसरी बात आपकी आयु भी प्रीमियम के मामले में देखी जाएगी। योजना के तहत आपको मासिक, तिमाही या छमाही में अपना प्रीमियम जमा करने का विकल्प मिलेगा। हालांकि पहले सिर्फ मासिक प्रीमियम जमा करना का विकल्प ही था।
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