नयी दिल्ली। अमेरिकी तकनीकी दिग्गज कंपनी एप्प्ल सेल्फ ड्राइविंग कार टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है। कंपनी का टार्गेट 2024 तक पैसेंजर व्हीकल तैयार करने का है। इस कार में एप्पल की खुद की सफल बैटरी तकनीक शामिल हो सकती है। आईफोन बनाने वाली एप्पल ने अपने ऑटोमोटिव प्रयास 2014 से ही शुरू कर दिए थे, जिन्हें प्रोजेक्ट टाइटन के नाम से जाना जाता है। एक समय एप्पल ने सॉफ्टवेयर पर ध्यान देने के चलते अपने प्रोजेक्ट को रोक दिया था, मगर इसने लक्ष्य को फिर से निर्धारित किया। एप्पल के एक दिग्गज अधिकारी डौग फील्ड, जिन्होंने टेस्ला में भी सेवाएं दी हैं, ने 2018 में इस प्रोजेक्ट की देखरेख शुरू की और 2019 में टीम से 190 लोगों को निकाल दिया।
फील्ड के एप्पल से जुड़ने के बाद कंपनी ने काफी प्रगति की है और इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं के लिए एक कार तैयार करने का है। एप्पल का मार्केट के लिए निजी वाहन बनाने का लक्ष्य ऐल्फाबेट की Waymo जैसे प्रतिद्वंदियों से मुकाबला होगा। Waymo ने बिना ड्राइवर वाली सवारी-सेवा के लिए यात्रियों को लाने-ले जाने के लिए रोबो-टैक्सी तैयार की है। ऐप्पल की रणनीति एक नई बैटरी डिज़ाइन की है जिससे बैटरी की लागत को कम हो सकेगी और कार ज्यादा लंबी दूरी तक चलेगी।
एक गाड़ी तैयार करना एप्पल के लिए भी सप्लाई चेन की चुनौती लेकर आएगा। यह दुनिया भर से पार्ट मंगा कर हर साल करोड़ों इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद बनाती है, लेकिन इसने कभी कार नहीं बनाई है। एलन मस्क की टेस्ला को निरंतर लाभ कमाने वाली कार तैयार करने में 17 सालों का समय लग गया। यह स्पष्ट नहीं है कि एप्पल-ब्रांड वाली कार को एसेम्बल करेगा, लेकिन गैजेट्स नाउ की रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों के मुताबिक संभावना जताई जा रही है कि कंपनी वाहन तैयार करने के लिए किसी विनिर्माण भागीदार के भरोसे होगी।
वैसे तो संभावना है कि एप्पल की सेल्फ-ड्राइविंग कार 2024 तक सामने आ सकती है, मगर एक अनुमान ये भी है कि कोरोना के कारण होने वाली देरी के चलते ये कार 2025 या उसके बाद ही आए। एप्पल ने सिस्टम के एलीमेंट्स के लिए बाहरी भागीदारों के साथ हाथ मिलाने का फैसला किया है। इन एलिमेंट्स में लिडार सेंसर भी शामिल हैं, जो सेल्फ-ड्राइविंग कारों को सड़क के तीन-आयामी दृश्य (Three-Dimensional View) प्राप्त करने में मदद करते हैं।
एप्पल की कार में अलग-अलग दूरी को स्कैन करने के लिए कई लिडार सेंसर हो सकते हैं। इस साल आए एप्पल के आईफोन 12 प्रो और आईपैड प्रो मॉडल दोनों में लिडार सेंसर फ़ीचर मौजूद है। एप्पल ने संभावित लिडार आपूर्तिकर्ताओं के साथ बातचीत की थी, लेकिन यह अपने खुद के सेंसर तैयार करने को लेकर भी जांच कर रहा है।
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