Apple Inc को 2 दिनों के भीतर वैल्यूएशन में करीब 200 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। 5 सितंबर से शेयर में करीब 6 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है। एप्पल वॉरेन बफेट की सबसे बड़ी स्टॉक होल्डिंग है।

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ऐपल में तेज बिक्री के पीछे की वजह यह है कि चीन सरकार समर्थित एजेंसियों और कंपनियों के कर्मचारियों द्वारा आईफोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध का विस्तार करने की योजना बना रही है।

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इससे इनवेस्टर्स दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में एप्पल की बिजनेस प्रॉस्पेक्टस के बारे में परेशान हैं, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चीन में अमेरिकी तकनीकी दिग्गज के अधिकांश उत्पाद निर्मित होते हैं। ताइवान स्थित फॉक्सकॉन एप्पल के उत्पादों के सबसे बड़े और पुराने आपूर्तिकर्ताओं में से एक है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गुरुवार को नैस्डैक पर सूचीबद्ध एप्पल इंक 2.92 फीसदी की गिरावट के साथ 177.56 डॉलर पर बंद हुआ। हालाँकि, 5 सितंबर के बाद से स्टॉक में 6.4 फीसदी की गिरावट आई है। एप्पल की साप्ताहिक गिरावट 5.5 प्रतिशत से ज्यादा है। इसका मार्केट कैप लगभग 2.78 ट्रिलियन डॉलर है।

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बुधवार को वॉल स्ट्रीट ने रिपोर्ट दी थी कि बीजिंग ने केंद्रीय सरकारी एजेंसी के अधिकारियों को कार्यालय में आईफोन न लाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही काम के लिए आईफोन का उपयोग न करने का आदेश दिया है। इसके बाद एक मीडिया रिपोर्ट में भी यह खा गया कि प्रतिबंध राज्य के स्वामित्व वाली कंपनियों और सरकार समर्थित एजेंसियों के श्रमिकों पर भी लगाया जा सकता है।

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चीन के प्रतिबंध से एप्पल के लिए उसके सबसे बड़े इंटरनेशनल मार्केट और ग्लोबल प्रोडक्शन बेस में बाधा उत्पन्न होने की आशंका है। इसी वजह से निवेशकों ने निरंतर 2 दिन तक घबराहट में बिकवाली की और इसके परिणाम स्वरूप एप्पल को अपने बाजार मूल्य में करीब 200 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ।

वॉरेन बफेट के पोर्टफोलियो में एप्पल के शेयर हैं, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वॉरेन बफेट ने 167 बिलियन डॉलर मूल्य के 916 मिलियन एप्पल शेयर हासिल किए। यह उनके स्टॉक पोर्टफोलियो का 49.83 फीसदी हिस्सा बनाता है और उनकी सबसे बड़ी होल्डिंग है। इनवेस्टर्स के पास एप्पल के बकाया शेयर का 5.70 फीसदी हिस्सा है।

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