नई दिल्ली, जून 30। आम आदमी के लिए महंगाई के मोर्चे पर एक और बुरी खबर आई है। अमूल दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया गया है। दूध की बढ़ी हुई कीमतें कल यानी 1 जुलाई 2021 से लागू हो जाएंगी। इसके साथ ही अमूल दूध का दाम अब कल से 58 रु प्रति लीटर के रेट पर मिलेगा। आपको अमूल का आधे लीटर का पैकेट 29 रु में मिलेगा। कंपनी के मुताबिक पैकेजिंग लागत में 30-40 प्रतिशत, ट्रांसपोर्ट लागत में 30 प्रतिशत और ऊर्जा लागत में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिसके चलते इनपुट लागत में वृद्धि हुई है। इसी के नतीजे में कंपनी ने दूध के दाम बढ़ाए हैं।
बता दें कि गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (जीसीआईएमएमएफ) अमूल ब्रांड के तहत दूध और अन्य उत्पादों की अलग-अलग कैटेगरी की मार्केटिंग और बिक्री करती है। इसने कहा कि बढ़ोतरी उन सभी शहरों में लागू होगी जहां अमूल अपना ताजा दूध बेचता है। बढ़ोतरी के बाद अमूल गोल्ड दूध के 500 एमएल पैकेट की कीमत 29 रुपये हो जाएगी, जबकि अमूल तारा की कीमत 23 रुपये प्रति 500 एमएल और अमूल शक्ति 26 रुपये प्रति 500 एमएल पर मिलगा।
जीसीआईएमएमएफ ने कहा कि 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी से एमआरपी में 4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, यह औसत खाद्य मुद्रास्फीति से काफी कम है। जीसीआईएमएमएफ की तरफ से यह भी कहा गया है कि दूध उत्पादों की विभिन्न कैटेगरी की कीमतों में बढ़ोतरी 1.5 साल के अंतराल के बाद हुई है। मालूम हो कि हाल के समय में न केवल दूध बल्कि कई आवश्यक एफएमसीजी उत्पादों की कीमतों में अधिक लागत के कारण वृद्धि हुई है। उच्च मुद्रास्फीति के नतीजे में खाद्य तेल, साबुन, चाय और यहां तक कि पैकेज्ड फूड ग्रेन जैसे उत्पादों के दाम बढ़े हैं।
इस बीच, ईंधन की रिकॉर्ड उच्च कीमतों के कारण परिवहन शुल्क भी बढ़ गया है, जिसके नतीजे में कंपनियों पर लागत का भार बढ़ा है। जीसीआईएमएमएफ के मुताबिक गौरतलब है कि पिछले 1.5 वर्षों में अमूल ने अपने ताजे दूध की कैटेगरी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया। मगर अब ऊर्जा, पैकेजिंग, रसद की लागत में वृद्धि के कारण कुल लागत में वृद्धि हुई है।
इनपुट लागत में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए जीसीआईएमएमएफ के सदस्य संघों ने भी किसानों के लिए कीमतों को 45 रुपये से 50 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ा दिया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6 प्रतिशत से अधिक है।
अमूल एक पॉलिसी के तहत दूध और दूध उत्पादों के लिए उपभोक्ताओं द्वारा भुगतान किए गए प्रत्येक रुपये के लगभग 80 पैसे को दुध उत्पादकों को देता है। कीमतों में बढ़ोतरी से दूध उत्पादकों के लिए लाभकारी कीमतों को बनाए रखने और उन्हें ज्यादा दूध उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी।
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