नयी दिल्ली। सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 47 और चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है। ये ऐप उन 59 ऐप्स की डुप्लिकेट (Clones) हैं, जिन्हें सरकार पहले ही बैन कर चुकी है। बैन की गई ऐप्स में टिकटोक लाइट, हेलो लाइट, शेयरइट लाइट, बिगो लाइव लाइट और वीएफवाई लाइट शामिल हैं। हालांकि अब जिन ऐप्स को बैन किया गया है उनके बारे में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

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पिछले महीने 59 चीनी ऐप्स पर लगा था बैन
सरकार द्वारा चीन की और 47 ऐप बैन करने पर फिलहाल कोई आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है। टाइम्स ऑफ इंडिया ने पीटीआई के हवाले से सरकार के इस कदम का जिक्र अपनी रिपोर्ट में किया है। जहां तक चीन के खिलाफ सरकार के सख्त रवैये का सवाल है तो सीमा विवाद होने के बाद मोदी सरकार ने कारोबारी मोर्चे पर चीन को कई झटके दिए हैं। इसी कड़ी में पिछले महीने केंद्र ने 59 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिनमें टिकटॉक, शेयरइट और यूसी ब्राउज़र जैसी मशहूर शामिल हैं।

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क्या थी भारत की दलील
सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा कि ऐप्स पर प्रतिबंध इसलिए लगाया गया है क्योंकि ये भारत की संप्रभुता, अखंडता और रक्षा के लिए हानिकारक हैं। चीनी इंटरनेट कंपनियों के भारत में लगभग 30 करोड़ उपयोगकर्ता हैं, जो दर्शाता है कि देश में लगभग दो-तिहाई स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं ने एक चीनी ऐप डाउनलोड किया हुआ है। इस बीच TikTok ने भारत सरकार को एक पत्र में स्थानीय डेटा सेंटर स्थापित करने की अपनी योजना को दोहराते हुए भारत में प्रोडक्ट डिजाइन और डेवलप करने के लिए एक इंजीनियरिंग केंद्र स्थापित करने की पेशकश की है।

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कैसे हुआ विवाद
सीमा पर गतिरोध के बाद केंद्र सरकार ने चीन के खिलाफ एक के बाद एक सख्त कदम उठाए हैं। ताजा फैसला भी इसी कड़ी से जुड़ा हो सकता है। केंद्र सरकार ने निवेश, टेलीकॉम, रेलवे, खनन और एमएसएमई सेक्टर से चीन को बाहर रखने के लिए कई उपाय भी किए हैं।