नयी दिल्ली। अनिल अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस कैपिटल एचडीएफसी और एक्सिस बैंक के बकाया 690 करोड़ रुपये लोन पर ब्याज का भुगतान करने में चूक गई है। इस राशि में 31 अक्टूबर तक का ब्याज शामिल है। कंपनी ने खुद स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया कि यह एचडीएफसी को 4.77 करोड़ रुपये और एक्सिस बैंक को 0.71 करोड़ रुपये का ब्याज देने में नाकामयाब रही। कंपनी ने इसके पीछे अपनी संपत्ति बिकवाली में आने वाली विभिन्न अड़चनों का हवाला दिया है।
कितना है रिलायंस कैपिटल पर लोन
31 अक्टूबर तक रिलायंस कैपिटल पर ब्याज सहित कुल लोन 20,077 करोड़ रु का है। रिलायंस कैपिटल अपनी संपत्ति बिकवाली की प्रोसेस में आगे बढ़ने में नाकामयाब रही, जिसके चलते कंपनी को अपनी डेब्ट सर्विसिंग टालनी पड़ी। रिलायंस कैपिटल ने एचडीएफसी से 524 करोड़ रुपये का लोन 6 महीने से 7 साल के लिए 10.6-13 फीसदी वार्षिक ब्याज पर लिया था। इसने एक्सिस बैंक से 3-7 साल के लिए 8.25 फीसदी की दर से 100.63 करोड़ रुपये का लोन लिया था।
चीनी बैंको की सख्ती
इससे पहले सितंबर के अंतिम सप्ताह में खबर आई थी कि अनिल अंबानी पर 3 चीनी बैंकों का शिकंजा कसता जा रहा है। इन बैंकों का अनिल अंबानी पर करीब 5276 करोड़ रु का कर्ज है। इन तीन चीनी बैंकों ने रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन के खिलाफ लंदन उच्च न्यायालय में हुई जिरह के बाद विश्व भर में फैली उनकी संपत्तियों पर अपने अधिकारों को आगे बढ़ाने का फैसला किया था। ये तीनों बैंक दुनिया भर में मौजूद अनिल अंबानी की संपत्तियों की जानकारी जुटाएंगे। अनिल अंबानी एक समय दुनिया के छठे सबसे अमीर व्यक्ति रहे हैं। मई में ब्रिटेन की अदालत ने इन तीनों बैंकों को ब्याज सहित 71.6 करोड़ डॉलर (करीब 5,276 करोड़ रु) और 7.04 करोड़ रु कानूनी खर्चों का भुगतान करने को कहा था। इनमें इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना, एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक ऑफ चाइना और चाइना डेवलपमेंट बैंक शामिल हैं।
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