नई दिल्ली, अगस्त 29। आज मुकेश अंबानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) की 45वीं वार्षिक आम बैठक में मुख्य भाषण दिया। अपने संबोधन में अंबानी ने अगले साल आरआईएल की एजीएम के एक हाइब्रिड मोड पर स्विच करने में सक्षम होने की उम्मीद जताई, जो फिजिकल और डिजिटल दोनों तरीकों का सबसे अच्छा कॉम्बिनेशन होगा। अंबानी ने कहा कि रिलायंस भारत की समृद्धि और प्रगति में अब तक की तुलना में कहीं अधिक योगदान करने के लिए तैयार है। दुनिया के कई हिस्सों में गंभीर आर्थिक तनाव है। उच्च मुद्रास्फीति और सप्लाई चेन में दिक्कत से वैश्विक मंदी का खतरा है। हमारी कंपनी 100 बिलियन डॉलर की इनकम को पार करने वाली भारत की पहली कॉर्पोरेट बन गई।
अगले दो महीनों के भीतर, दिवाली तक, हम दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई महानगरों सहित कई प्रमुख शहरों में जियो 5जी लॉन्च करेंगे। इसके बाद, हम महीने दर महीने जियो की 5जी सर्विस का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं। दिसंबर 2023 तक, जो आज से 18 महीने से भी कम समय है, हम अपने देश के हर शहर, हर तालुका और हर तहसील में जियो की 5जी पेश करेंगे।
इनकम में 47% की वृद्धि
अंबानी ने कहा कि रिलायंस की इनकम में 47 फीसदी की वृद्धि हुई और ये 104.6 बिलियन डॉलर तक पहुंच गयी। रिलायंस का एबिटा 1.25 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया। रिलायंस का निर्यात 75% बढ़कर 2,50,000 करोड़ रुपये को पार कर गया। हमने वर्ष में भारत के व्यापारिक निर्यात का लगभग 8.4% हिस्सा हासिल कर लिया, जो कि पिछले साल 6.8% था।
अंबानी ने कहा कि रिलायंस ने रोजगार सृजन (जॉब क्रिएशन) में एक नया रिकॉर्ड बनाया। उनके बिजनेसों ने 2.32 लाख नौकरियां जोड़ीं। अंबानी ने कहा, रिलायंस रिटेल अब सबसे बड़े एम्प्लोयर्स में से एक है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान, रिलायंस भारत में सबसे बड़ी करदाता बनी रही और राष्ट्रीय खजाने में 188,000 करोड़ रुपये से अधिक का योगदान दिया।
जियो के फिक्स्ड लाइन नेटवर्क पर अंबानी ने कहा कि इसका हाई क्वालिटी, निरर्थक और हमेशा उपलब्ध फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क इंफॉर्मेशन बैकबोन है जो भारत के हर कोने से डेटा ट्रैफ़िक ले जाता है, और इसे वैश्विक इंटरनेट से जोड़ता है। आज, जियो का ऑल इंडिया फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क 11 लाख किलोमीटर से अधिक लंबा है। यह पृथ्वी ग्रह के 27 बार से अधिक चक्कर लगाने के लिए पर्याप्त है। उन्होंने आगे कहा कि इस मजबूत डेवलपमेंट के बावजूद, भारत फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सेवाओं में दुनिया के बाकी हिस्सों से पीछे है। केवल 20 मिलियन कनेक्शन के साथ, फिक्स्ड ब्रॉडबैंड अपनाने में भारत दुनिया में 138वें स्थान पर है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड अगले पांच वर्षों में पेट्रोकेमिकल क्षमता का विस्तार करने के लिए 75,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कंपनी के अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने आज की एजीएम में इस बात की भी जानकारी दी। कंपनी की वार्षिक आम बैठक में बोलते हुए, उन्होंने कहा कि निवेश एक पीटीए प्लांट स्थापित करने, पॉलिएस्टर क्षमता का विस्तार करने, विनाइल श्रृंखला की तीन गुना क्षमता और संयुक्त अरब अमीरात में एक रासायनिक इकाई स्थापित करने में होगा।
निवेशकों और जानकारों को रिलायंस की एजीएम से उम्मीद थी कि जियो प्लेटफॉर्म्स और रिलायंस रिटेल की संभावित लिस्टिंग पर ऐलान हो सकता है। साथ ही इसके नए ऊर्जा कारोबार और 5जी मोबाइल फोन सेवाओं की कीमतों से संबंधित घोषणाएं हो सकती हैं।
रिलायंस जियो नई टेक्नोनॉजी क्षेत्र में अपनी ऑफरिंग्स को बिल्ड करने और मजबूत करने के लिए काम कर रही है। फरवरी में, रिलायंस जियो ने यूएस-आधारित डीप टेक स्टार्ट-अप टू प्लेटफॉर्म्स में अपने निवेश के साथ मेटावर्स टेक्नोलॉजीज में अपनी शुरुआत की घोषणा की थी। उस स्टार्टअप में कंपनी ने 15 मिलियन डॉलर में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की। इस कदम से जियो को नई तकनीकों के एडॉप्शन और एआई, मेटावर्स और मिक्स्ड रियलिटीज के आसपास सॉल्यूशन बनाने में मदद मिलेगी।
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