नई दिल्ली, सितंबर 20। तिलक मेहता जो मुंबई में रहते हैं। उन्होंने सिर्फ 13 वर्ष की उम्र में 100 करोड़ रु की कंपनी बना दी। आज उन्होंने 200 लोगों को रोजगार दिया हुआ हैं। हैरान करने वाली बात तो ये हैं तिलक मेहता को जो ये विचार आया हैं। वो उनके पिता की थकान देख कर आया था।

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आइडिया पिता की थकान को देख कर आया

तिलक मेहता को जो ये आइडिया आया हैं वो उनके पिता की थकान को देख कर आया था। उनके पिता ऑफिस से जब भी घर लौटते थे जब बहुत थक जाते थे। उनको देख कर तिलक का दिल बहुत अधिक उदास हो गया। जब उन्होंने पिता की थकान को देखा उन्होंने खुद का व्यापार शुरू करने विचार दिया। तिलक में सोचा अधिकतर बच्चे और महिलाएं इस तरह की परेशानियों से गुजर रहे हैं। फिर उनके दिमाग में एक आइडिया आया और उन्होंने अलग तरह से कुरियर सर्विस को शुरू कर दिया।

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पूरा साथ मिला पिता का

जब तिलक ने इस आइडिया के बारे में अपने पिता को बताया। उनके पिता ने उनके इस विचार को सुनकर उनकी तारीफ की ओर इस बिजनेस में उनकी सहायता करने का आश्वासन दिया। उनके पिता ने उनको बैंक अधिकारी घनश्याम पारेख से मिलवाया। तिलक ने उन्हें उनका आइडिया बताया ये सुनकर वे बहुत प्रभावित हुए उन्होंने उनकी नोकरी छोड़ कर इस बिजनेस में तिलक के साथ लग गए।

शुरुआत इस तरह हुई

अपने स्टार्टअप का नाम तिलक ने पेपर एंड पार्सल रखा। इस कंपनी के मालिक तिलक बने और घनश्याम पारेख इस कंपनी के सीईओ बने। उन्होंने शुरू में छोटे छोटे ऑर्डर लिए और मुंबई के डिब्बे वालो की समान डिलीवरी में मदद ली। शुरुआत में वे स्टेशनरी की दुकान से लेकर स्कूल, कोचिंग सेंटर तक समान पहुंचाने के लिए अपनी कंपनी का नाम रखा। इस कंपनी को धीरे धीरे काफी रिस्पांस मिला। आज के व्यक्त तिलक की कंपनी में 200 से अधिक कर्मचारी और 300 से अधिक डिब्बेवाले हैं। वही हम इनकी कंपनी का टर्नओवर को बात करें तो इस कंपनी का टर्न ओवर 100 करोड़ रु से भी ज्यादा का है।