Diamond Found in Panna : भारत सहित दुनिया भर में लोगों को अकसर हीरे मिलते रहते हैं। कुछ खदानों में ढूंढने पर और कुछ पार्कों आदि में। हीरा कहीं भी मिले उसके लिए एक चीज जरूर चाहिए वो है अच्छी किस्मत। भारत में एक जगह है पन्ना, जो कि रत्नगर्भ के नाम से मशहूर है। इसे हीरों की नगरी भी कहा जाता है। ये मध्य प्रदेश में स्थित है। वहां अकसर लोगों को हीरे मिलते रहते हैं। अब वहां एक बार फिर से एक साथ 5 लोगों की किस्मत चमकी है, क्योंकि इन्हें एक बड़ा हीरा मिला है। आगे जानिए इस बार किसकी किस्मत चमकी है।

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कितना बड़ा हीरा मिला

इस बार जिन लोगों को हीरा मिला है, उनमें ग्राम पंचायत मनोर के सरपंच भी शामिल हैं। सरपंच सहित पांच मजदूरों को हीरा मिला है। ये हीरा मिला है जरुआपुर की उथली खदान में। उन्हें 14.21 कैरेट का हीरा मिला है, जो काफी बड़ा माना जाता है।

सरपंच का 12वां हीरा
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हीरे को हीरा कार्यालय में जमा करा दिया है। हीरे की अनुमानित कीमत लगाई जा रही है 70 लाख रु। पर ये हीरे ऐसे नहीं बिकते, बल्कि इनकी बोली लगती है। जिन लोगों को इस बार हीरा मिला है, उनमें एक सरपंच शामिल हैं जिनका नाम है प्रकाश मजूमदार। मजूमदार का ये 12वां हीरा रहा। इससे पहले भी उन्हें 11 हीरे मिले हैं।

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कब लगाई थी खदान

प्रकाश मजूमदार पन्ना नगर की समीपी ग्रामपंचायत मनोर से नवनिर्वाचित सरपंच हैं। वे एक किसान हैं। इसलिए खेती से अपने परिवार को पालते थे। मगर उन्हें खेती में ज्यादा फायदा न हुआ। इसीलिए मजूमदार ने 2019-20 में हीरा खदान लगाने का फैसला। उन्होंने ये काम अपने कुछ साथियों के साथ मिल कर किया। बस फिर क्या था उन्हें एक के बाद एक कई हीरे। अब तक वे 12 हीरे खोज चुके हैं।

कितने बड़े हीरे मिले

उन्हें जो अब तक हीरे मिले हैं, उनमें 7.44 कैरेट, 6.64 कैरेट, 4.50 कैरेट और 3.64 कैरेट के अलावा कुछ छोटे हीरे शामिल हैं। ये साल उनके लिए काफी बेहतर रहा। वे 2022 त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मनोर ग्रामपंचायत से सरपंच के लिए खड़े हुए और जीते। सरपंच बनना भी उनके लिए सौभाग्य की बात रही, क्योंकि इसके बाद वे दो हीरे खोज चुके हैं। इनमें 3.64 कैरेट और 14.21 कैरेट का ताजा मिला हीरा है।

क्या करेंगे पैसों का

सरपंच के साथ जो अन्य लोग शामिल रहे, उनमें भरत मजूमदार, दिलीप मिस्त्री, रामगणेश यादव और संतु यादव शामिल रहे। खदान संचालक सरपंच प्रकाश मजूमदार ही हैं। उनके अनुसार सभी पांच लोगों की आर्थिक स्थिति कमजोर है। हीरा नीलाम होने पर जो पैसा मिलेगा, उसे वे लोग बांट लेंगे। ये लोग गांव में शंकर जी का मंदिर बनवाएंगे और भंडारा खिलाएंगे। साथ ही अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देंगे। इसके लिए अच्छे स्कूलों में दाखिला दिलाएंगे। वैसे तो जो हीरा इन लोगों को मिला है, वो थोड़ा ऑफकलर है, पर फिर भी उन्हें अच्छी कीमत मिल सकती है। हीरे की नीलामी में जो राशि मिलती है, उस पर 12% सरकार की रॉयल्टी लगती है। साथ ही 1% टैक्स लगता है। बाकी पैसा हीरा खोजने वालों को मिल जाता है।