Mutual Fund : भारत में निवेश करने का ट्रेंड तेजी से आगे बढ़ रहा है। अगर हम पहले ही बात करें, तो फिर केवल सीनियर सिटीजन ही अपने फ्यूचर में वित्तीय सुरक्षा के लिए निवेश करते थे लेकिन अब आज के समय में देश के युवा भी निवेश में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे है।

Advertisement

चाहे 500 रु का निवेश बस कर रहे हो मगर निवेश की तरफ युवा आगे बढ़ रहे हैं। यह एक कारण है कि अब निवेश के तरीके को बेहद आसान बना दिया गया है। अब आप ऑनलाइन के माध्यम से भी निवेश कर सकते है।

Advertisement

अगर हम निवेशक की बात करते है, तो फिर समय तौर पर 2 तरह के निवेशक होते है। पहला निवेशक जो शेयर बाजार में निवेश करेगा वही, दूसरे निवेशक की बात करें, तो फिर वह म्यूचुअल फंड निवेश करेगा।

जहां पर एक तरह आप अगर शेयर मार्केट में निवेश करते है, तो फिर आप शेयर में डायरेक्ट निवेश कर कंपनी के शेयर खरीदते हैं, वही, दूसरी ओर आप म्यूचुअल फंड से शेयर मार्केट में इन-डायरेक्ट निवेश करते हैं।

Advertisement

अक्सर म्यूचुअल फंड के फायदे में डायवर्सिफिकेशन को गिना जाता है लेकिन विविधीकरण हमेशा ही ज्यादा बेहतर नहीं होता। यह कभी कभी रिस्क भी साबित होता है। अगर अधिक विविधीकरण होता है, तो फिर आपकी ऑपरेटिंग कॉस्ट में इजाफा हो जाता है जिससे आपको हुए मुनाफे के बारे में आपको जानकारी नहीं होती है।

म्यूचुअल फंड निश्चित गारंटीड रिटर्न की कभी भी पेशकश नहीं करता है, यही वजह है कि आपको अपने म्युचुअल फंड के मूल्य में गिरावट और इसके साफ हर म्युचुअल फंड के पिछले पर एक पेशेवर प्रबंधन होते है और एक पेशेवर टीम होती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं होता है कि आपके फंड को खराब प्रदर्शन से बचाएगा।

Advertisement

जो म्यूचुअल फंड होता है यह आपको मार्केट में सीधे इन्वेस्ट करने की इजाजत नहीं देता है। सभी प्रकार के को म्यूचुअल फंड होते है। इस म्यूचुअल फंड का प्रबंधन फंड मैनेजर द्वारा किया जाता है। बहुत से मामलों में, फंड मैनेजर को विश्लेषकों की एक टीम द्वारा सलाह और मदद दी जाती है।

ऐसे एक निवेशक के रूप में आपका अपने निवेश पर किसी प्रकार का नियंत्रण नहीं होता है। आपके फंड से संबंधित जो भी फैसले होते है। यह निर्णय फंड मैनेजर द्वारा लिए जाते हैं।

Advertisement

आप कही भी निवेश करने जाते है तब आपको रिसर्च करना पड़ता है। बहुत से निवेशकों को बड़े स्तर पर रिसर्च करना और विभिन्न फंडों के मूल्य का मूल्यांकन करने में परेशानी हो सकती है। म्युचुअल फंड का नेट एसेट वैल्यू इनवेस्टर्स को फंड के पोर्टफोलियो का मूल्य प्रदान करता है।