नई द‍िल्ली: इलाहाबाद बैंक के ग्राहक आपके ल‍िए बेहद जरूरी खबर है। इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक में विलय हो गया है। वहीं दोनों बैंकों के सर्वर शिफ्टिंग का भी काम जल्द शुरू होगा। 12 फरवरी को देर रात से दोनों बैंकों के सिस्टम अपग्रेडेशन का काम शुरू किया जाएगा। सर्वर अपग्रेडेशन की प्रक्रिया 72 घंटों तक चलेगी। इस बात की जानकारी इंडियन बैंक ने ट्वीट के जर‍िए दी है।

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विलय के बाद सर्वर को जोड़ने की प्रक्रिया होगी शुरू

बता दें कि इलाहाबाद बैंक का विलय इंडियन बैंक में हो गया है। इसकी प्रक्रिया 1 अप्रैल 2020 से ही चल रही थी। इलाहाबाद बैंक और इंडियन बैंक के सर्वर को जोड़ने की प्रक्रिया 12 फरवरी की रात 9 बजे से शुरू हो होकर 15 फरवरी को सुबह 9 बजे तक चलेगी। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि इतनी देर में इसके सर्वर मर्जर का काम पूरा हो जाएगा। सर्वर अपग्रेडेशन के दौरान एटीएम सर्विस, नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग आदि सर्विसेज में परेशानी आ सकती है। सर्वर अपग्रेडेशन के बाद यानी 15 फरवरी से इलाहाबाद बैंक के सभी अकाउंट होल्डर्स इंडियन बैंक के सर्वर पर शिफ्ट हो जाएंगे। बैंक के मुताबिक 13 फरवरी को महीने का दूसरा शनिवार रहेगा और 14 फरवरी को रविवार को छुट्टी की वजह से बैंक बंद रहेगा। ऐसे में बैंक बैंक को उम्मीद है कि 15 फरवरी से दोनों बैंकों के सर्वर को एक करने का काम पूरा हो जाएगा।

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बैंक ने दिया नया यूआरएल

इंडियन बैंक ने ट्वीट कर कहा है कि इलाहाबाद बैंक के ग्राहक नए लिंक पर नेट बैंकिंग कर सकते हैं। बैंक ने ग्राहकों की सुविधा के लिए नया URLभी दिया है। इंटरनेट बैंकिंग के लिए इस लिंक पर क्लिक करें. https://www.indianbank.net.in/jsp/startIBPreview.jsp.
वहीं बैंक ने मोबाइल ग्राहकों के लिए भी नया लिंक जारी किया है. https://play.google.com/store/apps/details?id=com.IndianBank.IndOASIS.

ग्राहकों पर पड़ सकता है ये असर
  • जिन ग्राहकों को नए अकाउंट नंबर या आईएफएससी कोड मिलेंगे, उन्हें नए डीटेल्स इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, इंश्योरंस कंपनियों, म्यूचुअल फंड, नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) आदि में अपडेट करवाने होंगे।
  • एसआईपी या लोन ईएमआई के लिए ग्राहकों को नया इंस्ट्रक्शन फॉर्म भरना पड़ सकता है।
  • नई चेकबुक, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड इशू हो सकता है।
  • फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) या रेकरिंग डिपॉजिट (आरडी) पर मिलने वाले ब्याज में कोई बदलाव नहीं होगा।
  • जिन ब्याज दरों पर व्हीकल लोन, होम लोन, पर्सनल लोन आदि लिए गए हैं, उनमें कोई बदलाव नहीं होगा।
  • कुछ शाखाएं बंद हो सकती हैं, इसलिए ग्राहकों को नई शाखाओं में जाना पड़ सकता है।
  • मर्जर के बाद एंटिटी को सभी इलेक्ट्रॉनिक क्लीयरिंग सर्विस (ईएससी) निर्देशों और पोस्ट डेटेड चेक को क्लीयर करना होगा।