Airless tyre : आप जब भी ड्राइव पर निकलते है, तो फिर कार के टायर के पंचर होने और हवा निकल जाने की परेशानी हमेशा बनी रहती है। अगर आप लॉन्ग ड्राइव में जाते है, तो फिर यह परेशानी और बढ़ जाती है। हालांकि, आप लॉन्ग ड्राइव में जाते है, तो फिर आपको स्टेपनी रखने की सलाह दी जाती हैं। मगर अब आपको बहुत ही शीघ्र ही टायर के पंचर होने और टायर के हवा जैसे समस्या से मुक्ति मिलने वाली है। जल्द की मार्केट में दिग्गज टायर निर्माता कंपनियां एयरलेस टायर्स को लॉन्च करने की प्लान कर रही हैं।

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इस टायर यानी एयरलेस टायर्स में हवा को भरने की आवश्यकता नहीं होती है। काफी वर्षों पहले इस एयरलेस टायर्स का कॉन्सेप्ट दिखाया गया था। कई सारे बड़े ब्रांड ने इस एयरलेस टायर्स के कॉन्सेप्ट को विश्व के सामने पेश किया था। अब यह को ब्रांड्स है यह ब्रांड इन कांसेप्ट को एयरलेस टायर्स के कॉन्सेप्ट को काफी तेजी से कार्य कर रहे है।

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एयरलेस टायर बिल्कुल अपने नाम की तरह होते है। इन टायरों में रबर के ट्रेड्स होते हैं, लेकिन यह जो ट्रेडर्स होते है यह ट्रेडर्स रिंग पर लगे होते है। प्लास्टिक या रबर के स्पोक्स द्वारा इन्हें सपोर्ट किया जाता है। यह जो स्पोक्स होते है। यह स्पोक्स विजिबल होते हैं। इनमें हवा भरने की आवश्यकता नही होती है। यह वजह है कि इनके पंचर होने का भी खतरा नहीं होता है।

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इसमें एक दिलचस्प बात ये है कि ये स्पोक्स काफी लचीले होते है और सरफेस के अनुसार मुड़ सकते हैं। जब यह जो स्पोक्स है यह मुड़ते है, तो फिर स्पोक्स प्रेसर ऑब्जर्व करता है, यह सेम वैसा है जैसा की आपको सामान्य टायर में देखने को मिलता है। इन स्पॉक्स को विभिन्न तरह के स्पोक्स के साथ तैयार किया जाता है। वही, अगर हम एयर लेस टायर के लाभ की बात करें, तो फिर पंचर या हवा निकलने का डर नहीं होता है। इसके साथ ही इसका एक बड़ा फायदा यह है कि इससे कार में स्पेयर टायर रखने के झंझट से मुक्ति मिलेगी।

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मिशेलिन और ब्रिजस्टोन ब्रांड एयरलेस टायर्स पर लंबे वक्त से कार्य कर रही है। इसके साथ ही एक और ब्रांड टोयो भी
एयरलेस टायर्स पर काफी वक्त से कार्य कर रहा है। वर्ष 2006 टोयो में एयरलेस टायर्स के कॉन्सेप्ट को पेश किया था।

क्योंकि एयरलेस टायर की जो मैन्चुफैक्चरिंग है यह मैन्चुफैक्चरिंग सामान्य टायरों से बिल्कुल अलग है। इसी वजह से इसके निर्माण में काफी अधिक निवेश की आवश्यकता होगी। अभी इसके अलावा ये अभी टेस्टिंग मोड में है। जहां प्लेट अगर हम मिशेलिन टायर्स की बात करते है, तो फिर यह संभव है कि इस वर्ष के आखिरी तक इसका उपयोग सिंगापुर में 50 वैन में किया जाए। जब टेस्टिंग पूरी हो जायेगी। इसके बाद इसका उपयोग पैसेंजर कारों में किया जाएगा। हालांकि इन टायर्स के लिए अलग-अलग देश भिन्न नियम भी बना सकते हैं।

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