नयी दिल्ली। पीएम मोदी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत 1 लाख करोड़ रुपये की फाइनेंसिंग सुविधा का शुभारंभ किया। इस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने पीएम किसान योजना के तहत 8.5 करोड़ किसानों को 17,000 करोड़ रुपये की धनराशि की छठी किस्त भी जारी की। आपको बता दें कि कैबिनेट ने किसानों के लिए 1 लाख करोड़ रु की फाइनेंसिंग सुविधा को पहले ही मंजूरी दे दी थी। पीएमओ के बयान के मुताबिक इससे फसल कटाई के बाद के इन्फ्रास्ट्रक्चर और कोल्ड स्टोरेज, संग्रहण केंद्रों, प्रोसेसिंग इकाइयों आदि जैसी सामुदायिक कृषि संपत्तियों के निर्माण में मदद मिलेगी।
पीएम मोदी अपने भाषण में कहा कि मैं पीएम किसान सम्मान निधि के रूप में 8.5 करोड़ किसान परिवारों के खाते में 17,000 करोड़ रुपये के ट्रांसफर से बहुत संतुष्ट हूं। संतोष इस बात का है कि इस योजना का लक्ष्य हासिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को पिछले वर्ष में इस योजना के माध्यम से 75,000 करोड़ रुपये मिले, जो सीधे उनके बैंक खातों में भेजे गए। इसमें से 22,000 करोड़ रुपये लॉकडाउन के दौरान ट्रांसफर किए गए थे। पीएम ने कहा कि एक देश-एक मंडी का मिशन जिसके लिए पिछले 7 वर्षों से काम चल रहा था, अब पूरा किया जा रहा है।
पहली ई-राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-एनएएम) के माध्यम से एक प्रौद्योगिकी-आधारित सिस्टम बनाया गया था और फिर कानून बनाकर किसान को बाजार और बाजार टैक्स से मुक्त किया गया। पीएम मोदी ने कहा कि अब किसान के पास कई विकल्प हैं। किसान अपने खेत में या सीधे गोदाम से अपनी फसल का सौदा करने में सक्षम होंगे, जहां वे ई-एनएएम से जुड़े व्यापारियों और संस्थानों, जो भी ई-एनएएम को भुगतान करेगा, से डील कर सकेंगे। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड किसानों को उनके गांवों में भी भंडारण की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद करेगा।
पीएम मोदी ने कृषि मंत्रालय और बैंकिंग अधिकारियों को बधाई दी, जिन्होंने 'हल शष्टी' (एक त्योहार जिसे पूरे देश में किसान मनाते हैं) के दिन इस आयोजन को सफलतापूर्वक आयोजित किया। जलवायु पर हानिकारक प्रभावों को देखते हुए पीएम मोदी ने किसानों से कम यूरिया उर्वरकों का उपयोग करने का आह्वान किया। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा इस क्षेत्र के महत्व को समझा है और इस क्षेत्र के विकास और ग्रोथ के लिए कई उपाय पेश किए हैं। आज के कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कर्नाटक के हासन जिले के बसावे गौड़ा के साथ बातचीत की, जो यूजीएएनई प्राथमिक कृषि सहकारी समिति (पीएसीएस) के सदस्य हैं। पीएम ने उनसे कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत फाइनेंस मिलने के अपने अनुभव पर चर्चा की।
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