ईरान से तेल और पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट खरीदने के चलते अमेरिका ने 6 भारतीय कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिका का कहना है कि ईरान के साथ ऐसे लेनदेन से उसे गलत तरीके से फंड मिल रहा है, जिसे वह मध्य-पूर्व में अस्थिरता फैलाने में इस्तेमाल करता है।

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किन कंपनियों पर लगा प्रतिबंध

जिन भारतीय कंपनियों को बैन किया गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:

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अलकेमिकल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड

ग्लोबल इंडस्ट्रियल केमिकल्स लिमिटेड

जुपिटर डाई केम प्राइवेट लिमिटेड

रमणिकलाल एस गोसालिया एंड कंपनी

परसिस्टेंट पेट्रोकेम प्राइवेट लिमिटेड

कंचन पॉलिमर्स

इनमें से सबसे बड़ा नाम अलकेमिकल सॉल्यूशंस का है, जिस पर 2024 में जनवरी से दिसंबर के बीच करीब 84 मिलियन डॉलर का आयात करने का आरोप है।

प्रतिबंध का क्या मतलब है?

इन कंपनियों को अब अमेरिका में व्यापार करने की इजाजत नहीं होगी। अमेरिकी संपत्तियों तक पहुंच नहीं मिलेगी, किसी अमेरिकी संस्था के साथ लेनदेन पर रोक होगी। इतना ही नहीं जिन कंपनियों में इन छह में से किसी की 50% या उससे ज्यादा हिस्सेदारी है, उन पर भी प्रतिबंध लग सकता है।

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भारत-अमेरिका संबंधों पर असर की आशंका

इस फैसले से भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों में तनाव बढ़ने की संभावना है। अमेरिका पहले भी भारत को ईरान से तेल खरीदने को लेकर आगाह कर चुका है, लेकिन भारत के ईरान के साथ पुराने और गहरे कारोबारी संबंध हैं।

ट्रंप के फैसलों से बढ़ा विवाद

ट्रंप प्रशासन पहले ही भारत पर 25% इम्पोर्ट ड्यूटी लगाने की घोषणा कर चुका है। वहीं पाकिस्तान के साथ नई ट्रेड डील कर और वहां तेल के भंडार खोजने की योजना बनाकर उसने यह संकेत दिए हैं कि भविष्य में वह पाकिस्तान से भारत को तेल बेचने की कोशिश कर सकता है।

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नतीजा क्या हो सकता है?

इन प्रतिबंधों से न सिर्फ कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा, बल्कि भारत-अमेरिका के रणनीतिक और व्यापारिक रिश्तों पर भी असर पड़ सकता है।