नई दिल्ली, सितंबर 07। पोर्ट से लेकर पावर तक के कारोबार वाला ग्रुप अडानी समूह 2030 तक ग्रीन एनर्जी में 70 अरब डॉलर का निवेश करेगा। इसी निवेश योजना के तहत यह ग्रुप सोलर मॉड्यूल, पवन टर्बाइन और हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइज़र बनाने के लिए तीन गीगा फैक्ट्रियों का निर्माण करेगा। गौतम अडानी ने कहा है कि इस प्लान (70 अरब डॉलर की निवेश योजना) से हम भारत में तीन गीगा फैक्ट्रियों का निर्माण करेंगे, जिससे दुनिया की सबसे इंटीग्रेटेड ग्रीन एनर्जी वैल्यू चेन्स तैयार होगी। ये बात एशिया के सबसे अमीर आदमी गौतम अडानी ने यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल के इंडिया आइडियाज समिट में बोलते हुए कही।
अडानी ने कहा कि गीगा फैक्ट्रियां पॉलीसिलिकॉन से सौर मॉड्यूल तक विस्तारित होंगी, इनमें पवन टरबाइन का पूर्ण निर्माण, और हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइज़र का निर्माण किया जाएगा। ये फैक्ट्रियां अडानी समूह की मौजूदा 20 गीगावाट क्षमता के साथ-साथ 2030 तक 3 मिलियन टन हाइड्रोजन को जोड़ने के लिए अतिरिक्त 45 गीगावाट रिन्युएबल पावर जनरेट करने में मदद करेंगी।
बता दें कि अडानी से पहले उनके अरबपति प्रतिद्वंद्वी मुकेश अंबानी ने भी लो कार्बन ऊर्जा में रिलायंस के निवेश के तहत पांचवीं गीगा फैक्ट्री की घोषणा की है। उसके कुछ हफ्तों बाद इसी क्षेत्र में अडानी ने घोषणा की।
बता दें कि पावर इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए नई गीगा फैक्ट्री पिछले साल घोषित की गयी चार गीगा फैक्ट्री के अलावा होगी। पिछले साल इंटीग्रेटेड सोलर पीवी मॉड्यूल्स पर आधारित चार गीगा फैक्ट्री का हो चुका है। ये फैक्ट्रीज सूरज के प्रकाश से बिजली बना सकेंगी। इसी तरह पानी से हाइड्रोजन का उत्पादन करने वाले इलेक्ट्रोलाइजर्स बनाए जाएंगे। वहीं ईंधन सेल और बैटरी ग्रिड से ऊर्जा स्टोर करेंगे।
अमेरिका-भारत संबंधों के लिए अनिवार्यता पर बात करते हुए, अडानी ने कहा कि 2050 में दोनों देशों की जीडीपी का संयुक्त मूल्य 70 ट्रिलियन डॉलर या वैश्विक अर्थव्यवस्था का 35-40 प्रतिशत होने की उम्मीद है। उस वर्ष तक, यूरोप में 44 और चीन में 40 वर्ष की औसत आयु की तुलना में इन दोनों देशों की संयुक्त जनसंख्या 40 वर्ष से कम की औसत आयु के साथ 2 अरब से अधिक हो जाएगी।
दुनिया के तीसरे सबसे अमीर व्यक्ति गौतम अडानी के अडानी ग्रुप ने बहुत अधिक कर्ज में होने की आशंकाओं पर अपना जवाब भी दिया है। अडानी ग्रुप कि तरफ से ऐसी आशंकाओं को खारिज कर दिया गया और कहा गया है कि कि ऑपरेटिंग प्रॉफिट के अनुपात में इसके शुद्ध कर्ज की स्थिति में सुधार हुआ है। इसने सरकारी बैंकों से लिए लगभग 50 प्रतिशत से अधिक के कर्ज को अदा भी कर दिया है। अडानी ग्रुप ने पूरे मामले में एक 15 पेज का नोटिस जारी किया है। ये नोटिस अडानी ग्रुप ने अपने ऊपर बहुत अधिक कर्ज होने पर क्रेडिटसाइट्स की रिपोर्ट के जवाब में जारी किया है। अडानी ग्रुप ने कहा है कि कंपनी लगातार अपने कर्ज को अदा करती रही है। इससे इसका एबिटा आय का अनुपात घट कर 3.2 गुना रह गया है, जो 9 साल पहले 7.6 गुना हुआ करता था।
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