Adani Group : गुरुवार, 9 फरवरी 2023 को मॉर्गन स्टेनली कैपिटल इंटरनेशनल (एमएससीआई) कहा कि अडानी समूह की सिक्योरिटीज के कुछ निवेशक है। इन निवेशकों को अब फ्री फ्लोट के रूप में नामित नही किया जाना चाहिए। अब इस स्टेटस का रिव्यू किया जा रहा है। एमएससीआई को तरफ से अपने ऐलान में किया गया था। कि एमएससीआई ग्लोबल इनवेस्टेबिल मार्केट इंडेक्स के लिए अडानी समूह से जुड़ी कुछ खास सिक्योरिटीज की इलिजिबिलिटी और फ्री फ्लोट तय किए जाने को लेकर मार्केट की जो प्रतियोगिता है। इसके कई तरह के फीडबैक मिले है।

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यह बदलाव कारण बताया एमएससीआई ने

एमएससीआई की तरफ से बताया गया है कि फ्री फ्लोट यानी विदेशी निवेशकों द्वारा पब्लिक इक्विटी मार्केट्स में खरीद के लिए उपलब्ध कुल शेयरों का अनुपात है। एमएससीआई को तरफ से इन सिक्योरिटीज के जो रिव्यू है। इसका कारण बताते हुए कहा गया है कि कुछ निवेशकों के वर्गीकरण को लेकर जो अनिश्चितता है। यह सामने आई है। यह वजह है कि यह तय किया गया है। कि इन्हे हमारी मेथडोलॉजी के तहत फ्री फ्लोट के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।

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अडानी समूह के यह शेयर एमएससीआई इंडिया में शामिल है

अगर हम अडानी समूह के शेयर की एमएससीआई इंडिया इंडेक्स की बात करें, तो अडानी ग्रुप के यह शेयर अडानी पोर्ट्स (40 बेसिस प्वाइंट्स : 24 करोड़ डॉलर), अडानी एंटरप्राइजेस (71 बेसिस प्वाइंट्स : 43 करोड़ डॉलर), अडानी ट्रांसमिशन (48 बेसिस प्वाइंट्स : 29 करोड़ डॉलर), अम्बुजा (32 बेसिस प्वाइंट्स : 19 करोड़ डॉलर) और एसीसी (21 बेसिस प्वाइंट्स : 12.5 करोड़ डॉलर), अडानी ग्रीन (37 बेसिस प्वाइंट्स : 22 करोड़ डॉलर), अडानी टोटल गैस (55 बेसिस प्वाइंट्स : 33 करोड़ डॉलर), अडानी पावर (18 बेसिस प्वाइंट्स : 10 करोड़ डॉलर)। अगर इनके वेटेज में किसी भी प्रकार की गिरावट देखने को मिलती है, तो यह इन स्टॉक्स में और बिकवाली का संकेत होगा, क्योंकि इसके बाद एमएससीआई को बेंचमार्क के रूप में लेने वाले फंड है। जैसे एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स और इंडेक्स फंड्स अपने पोर्टफोलियो में बदलाव करेंगे।

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असर क्या हो सकता है

नुवामा रिसर्च के अभिलाष पगारिया की तरफ से एक नोट में कहा गया है। कि यदि हम उदाहरण के लिए मान लिया जाए। कि जो एमएससीआई है। वो अडानी एंटरप्राइजेस का फ्री फ्लोट को घटाकर 25 प्रतिशत कर देता है, तो फिर इसमें 43 करोड़ डॉलर का 25 प्रतिशत यानी 11 करोड़ डॉलर का आउटफ्लो देखने को मिलेगा। अभिलाष पगारिया ने कहा कि एसीसी और अम्बुजा है। इसकी फ्री फ्लोट को लेकर अधिक परेशान नहीं होना चाहिए। क्योंकि यह जो कंपनी है। इन कंपनियों को हाल ही में अडानी समूह ने खरीदा था।