नई द‍िल्‍ली: रोजगार के मोर्च पर नरेंद्र मोदी सरकार के लिए एक अच्छी खबर है। देश में नवंबर 2019 में करीब 14.33 लाख नई नौकरियां लोगों को मिली। जबक‍ि अक्टूबर में यह आंकड़ा 12.60 लाख दर्ज किया गया था। इम्प्लॉइज स्टेट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (ईएसआईसी) के पेरोल आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई है। एनएसओ की एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान ईएसआईसी के साथ नए सब्सक्राइबर्स का कुल रजिस्ट्रेशन 1.49 करोड़ था। PM Modi से 47 फीसदी लोगों को रोजगार के अधिक मौके दिलाने की उम्मीद ये भी पढ़ें

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ईएसआई में 83.35 लाख नए पंजीयन
जी हां आंकड़ों से साफ है कि सितंबर 2017 से नवंबर 2019 के दौरान करीब 3.37 करोड़ नए सब्सक्राइबर्स ईएसआईसी के साथ जुड़े। राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (एनएसओ ) की रिपोर्ट ईएसआईसी, ईपीएफओ, पीएफआरडीए की ओर से चलाई जा रही अलग-अलग सोशल सिक्युरिटी स्कीम्स के नए सब्सक्राइबर्स के आंकड़ों पर आधारित है। वहीं अप्रैल 2018 से इन तीनों इकाइयों की ओर से पेरोल डेटा या नया सब्सक्राइबर्स का डेटा जारी किया जा रहा है, जिसमें सितंबर 2017 से आंकड़े शामिल किए गए हैं। ईएसआईसी के आंकड़े बताते हैं कि सितंबर 2017 से मार्च 2018 के दौरान 83.35 लाख नए सब्सक्राइबर्स जुड़े।

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2017-19 के दौरान 3.03 करोड़ नई नौकिरयां
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के साथ नवंबर 2019 में जुड़े नए सब्सक्राइबर्स की संख्या 11.62 लाख रही। पिछले साल अक्टूबर में यह आंकड़ा 6.47 लाख था। 2018-19 में ईपीएफओ की सोशल सिक्युरिटी स्कीम में कुल 61.12 लाख लोग जुड़े। इसी तरह सितंबर 2017 से मार्च 2018 के दौरान कुल नया एन्रोलमेंट 15.52 लाख रहा। ताजा आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2017 से नवंबर 2019 के दौरान ईपीएफओ के साथ 3.03 करोड़ नए सब्सक्राइबर्स जुड़े।

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बता दें कि रिपोर्ट में कहा गया है कि चूंकि ग्राहकों की संख्या विभिन्न स्रोतों से है, इसलिए ओवरलैप के तत्व हैं और अनुमान योगात्मक नहीं हैं। एनएसओ ने कहा कि रिपोर्ट औपचारिक क्षेत्र में रोजगार के स्तर पर अलग-अलग दृष्टिकोण देती है और समग्र स्तर पर रोजगार को नहीं मापती है। वहीं अगर किसी संस्थान में 20 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं तो ईपीएफ जरूरी हो जाता है। 10 से ज्यादा कर्मचारी होने पर सभी कर्मचारियों के लिए ईएसआई की सुविधा जरूरी है। नैशनल पेंशन स्कीम में कोई भी भारतीय शामिल हो सकता है, जिसकी उम्र 18-60 के बीच है।

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