नई दिल्ली, जुलाई 8। भारत में एसी का नया स्टार रेटिंग सिस्टम इस महीने से लागु हो गया है। और पुराने एसी की रेटिंग एक लेवल कम हो गई है। मतलब अगर आपने इस वर्ष 5-स्टार एसी लिया है, तो उसकी रेटिंग अब चार रह गई है। जानकारों के अनुसार एनर्जी रेटिंग के नियमों में बदलाव से एसी की कीमत में 10 प्रतिशत तक की तेजी आएगी। इसकी कारण यह है कि स्टार रेटिंग स्तर में बदलाव से एसी के उत्पादन की लागत बढ़ जाएगी। अगले वर्ष जनवरी से ही रेफ्रिजरेटर्स के लिए भी एनर्जी से जुड़े नियम और सख्त होने जा रहे हैं। कंपनियों का कहना है कि गाइडलाइंस बदलाव से 4 और 5 स्टार वाले हाई एनर्जी रेटिंग रेफ्रिजरेटर बनाना बहुत मुश्किल होगा, क्युकी प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ जाएगी।

Advertisement

एनर्जी एफिशियंसी में करीब 20 प्रतिशत तक सुधार

कमल नंदी जो गोदरेज अप्लायंसेज के बिजनस हेड हैं उनका कहना हैं कि एनर्जी रेटिंग के नए नियमों से एयर कंडीशनर्स की एनर्जी एफिशियंसी में करीब 20 प्रतिशत सुधार होगा। क्योकि एसी में बहुत बिजली खर्च होती है, इसलिए इसमें सुधार जरूरी भी है। हमें पुराने स्टॉक को बेचने के लिए छह महीने का वक्त दिया गया है, फिर आगे नए नियमों के मुताबिक एसी बनाए जाएंगे।

Advertisement
2025 में होगा अगला बदलाव

एसी के नए नियमों को जनवरी 2022 से लागू किए जाने थे मगर कंपनियों ने ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशियंसी से इसे छह महीने आगे बढ़ाने का अनुरोध किया था। इसलिए क्योकि कोरोना लॉकडाउन के कारण दो साल से उनका कोई भी माल नहीं बिक पाया है। 2025 में अगला बदलाव होगा रेटिंग के नियमों में।

कितनी बढ़ सकती हैं कीमतें

लॉयड सेल्स हेड राजेश राठी ने कहा हैं, कि नियमों में बदलाव से प्रॉडक्शन के लिए प्रति यूनिट कच्चे माल की लागत 2,000 से 2,500 रुपये तक बढ़ जाएगी। ग्राहकों के हिसाब से कीमत बढ़ जाएगी. मगर उनकों बेहतर एनर्जी एफिशियंट प्रॉडक्ट भी मिलेगा। कंपनियों का कहना है, कि एनर्जी रेटिंग के नए नियमों से पुरानी टेक्नोलॉजी से पिंड छुड़ाने की प्रक्रिया में तेजी आ आएगी। इनवर्टर एसी की तुलना में फिक्स्ड स्पीड एसी की कीमत बढ़ोतरी हो जाएगी। इस वक्त बाजार में इनवर्टर एसी की हिस्सेदारी 80 से 85 फीसदी है। जहां 2019 में 45 से 50 फीसदी थी।