Aam Budget 2023 : आज संसद में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 2023-24 के लिए बजट पेश कर दिया गया। बजट भाषण के दौरान उन्होंने कहा कि ये बजट 7 प्राथमिकताओं पर आधारित है। इनमें 7 प्राथमिक्ताओं में 1. हरित विकास (ग्रीन ग्रोथ), 2. युवा शक्ति, 3. समाज में सभी का विकास, 4. समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना, 5. इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश, 6. पूरी क्षमता को सामने लाना और 7. डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ शामिल है।

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और क्या किए बड़े ऐलान
वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि 157 नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने जानकारी दी कि 9.6 करोड़ एलपीजी कनेक्शन दिए गए, जबकि 102 करोड़ लोगों को 220 करोड़ कोविड वैक्सीन दी गयीं। इसी तरह 47.8 करोड़ जनधन खाते खोले गए। उन्होंन कहा कि सरकार 2,200 करोड़ रुपये की लागत से आत्मनिर्भर स्वच्छ योजना कार्यक्रम शुरू करेगी।

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गरीबों के लिए खास ऐलान
गरीबों के लिए एक बड़ा ऐलान किया गया है। वित्त मंत्री ने ग्रामीण भारत पर फोकस के साथ भाषण की शुरुआत की। उन्होंने घोषणा की कि केंद्र सरकार पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत सभी प्राथमिकता वाले परिवारों के लिए मुफ्त खाद्यान्न पर 2 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी।

पीएलआई स्कीम पर फोकस
बजट से पहले अनुमान थी कि सरकार लॉन्ग-टर्म ग्रोथ और रोजगार पैदा करने में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की भूमिका के मद्देनजर 2023 के बजट में इस सेक्टर के लिए कुछ खास ऐलान कर सकती है। सरकार प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना के दायरे का विस्तार कर सकती है और अधिक रोजगार पैदा करने वाले क्षेत्रों को इसमें जोड़ सकती है। अनुमान था कि खिलौने, साइकिल, चमड़ा और जूते का प्रोडक्शन कुछ ऐसे उद्योग हैं, जिन्हें बजट में पीएलआई स्कीम के दायरे में शामिल किया जा सकता है। इस योजना को 14 सेक्टरों के लिए 1.97 लाख करोड़ रुपये के आवंटन के साथ शुरू किया गया था।

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ये सेक्टर हैं शामिल
इस योजना में ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट, सफेद सामान, कपड़ा, फूड प्रोडक्ट, हाई एफिशिएंसी सोलर पीवी मॉड्यूल, एडवांस्ड रसायन सेल और स्पेशियलिटी स्टील आदि शामिल हैं। इस योजना के जरिए घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को विश्व स्तर पर कॉम्पिटीटिव बनाया जाएगा और मैन्युफैक्चरिंग में भारत को वैश्विक चैंपियन बनाने की कोशिश की जाएगी। सरकार की पीएलआई स्कीम के काफी बेहतर नतीजे सामने भी आए हैं। सरकार को उम्मीद है कि सभी सेक्टरों में हायर लोकल मैन्युफैक्चरिंग अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में निवेश आएगा। साथ ही निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और भारत को वैश्विक सप्लाई चेन का एक अहम हिस्सा मिलेगा।