नयी दिल्ली। वीआई (जिसे कुछ समय पहले तक वोडाफोन आइडिया कहा जाता था) जल्द ही भारत में अपने प्रीपेड और पोस्टपेड प्लान्स की कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती है। इस बात का संकेत कंपनी की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला ने दिया है। ये हाल ही में वोडाफोन आइडिया से रीब्रांड हुई वीआई के ग्राहकों के लिए तगड़ा झटका होगा। एजीएम में बिड़ला ने कहा कि भारतीय टेलीकॉम सेक्टर फ्यूचर ग्रोथ के लिए उच्च दरों पर निर्भर करता है।
टेलीकॉम टॉक की रिपोर्ट के अनुसार बिड़ला का मानना है कि पिछले साल दिसंबर में की गई टैरिफ में बढ़ोतरी कंपनी की ग्रोथ विकास के लिए पर्याप्त नहीं है। वीआई को बहुत अधिक कैश की जरूरत है और ये बहुत जल्द डेब्ट और इक्विटी के जरिए 25,000 करोड़ रुपये तक जुटाने जा रही है। भारतीय टेलीकॉम इंडस्ट्री उन सेक्टरों में शामिल है, जो कोरोना महामारी से सबसे अधिक प्रभावित हुआ। इसके बाद एजीआर फैसले के रूप में इसे एक और झटका लगा। एजीआर की बकाया राशि के पुनर्मूल्यांकन के लिए कंपनियों की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया था। हालांकि अदालत ने सितंबर की शुरुआत में उन्हें एजीआर का भुगतान अगले 10 वर्षों में करने की मंजूरी दे दी थी।
एआरपीयू यानी प्रति उपभोक्ता औसत आमदनी किसी भी टेलीकॉम कंपनी के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। लंबी अवधि में ग्रोथ के लिए वीआई को हाई एआरपीयू जनरेट करने की आवश्यकता है। इसी वजह से वीआई बहुत जल्द अपने प्लान्स की टैरिफ दरों में वृद्धि कर सकती है। कंपनी को अगले 10 वर्षों में एजीआर बकाया के रूप में सरकार को 50,000 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान करना है। इसके लिए कंपनी को लाभदायक बनाए रखने के लिए पर्याप्त कैश फ्लो की आवश्यकता होगी और इसलिए टैरिफ बढ़ोतरी की आवश्यकता भी पड़ेगी। मगर ये कंपनी के ग्राहकों के लिए बड़ा झटका होगा। ऐसे में वीआई के सामने अपने ग्राहक आधार को बचाए रखना भी एक बड़ी चुनौती हो सकती है।
वीआई ने हाल ही में घोषणा की कि वह अपने सभी 3जी ग्राहकों को चुनिंदा सर्किलों में 4जी नेटवर्क में अपग्रेड कर रही है। कहा गया कि 4जी नेटवर्क पर ये अपडेशन कई चरणों में किया जाएगा। कंपनी ने दुनिया के सबसे बड़े नेटवर्क इंटीग्रेशन को भी पूरा किया और इसे गीगानेट नाम दिया है। माना जा रहा है कि 4जी नेटवर्क पर स्विच सहित वीआई की तरफ से उठाए गए हालिया कदम इसे एआरपीयू बढ़ाने और लंबी अवधि में लाभदायक बनने में मदद करेंगे। वीआई ने ड्रीम 11 इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के लिए बीसीसीआई के साथ एक स्पॉन्सरशिप डील भी की है। बता दें कि वैसे भारतीय दूरसंचार ऑपरेटरों ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है कि टैरिफ बढ़ोतरी होगी या नहीं, लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि इंडस्ट्री के लिए टैरिफ बढ़ोतरी की आवश्यकता है। भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील मित्तल भी इसे जरूरी बता चुके हैं।
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