नई द‍िल्‍ली: शिक्षा को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से इस बजट में काफी उम्मीदें की जा रही थीं। बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, करीब तीन हजार करोड़ रुपए कौशल विकास योजना के लिए दिए जाएंगे। गरीब बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा देंगे। शिक्षा के लिए 99300 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा है। जानिए कब बिकेंगे LIC के शेयर, सरकार ने किया इशारा ये भी पढ़ें

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एजुकेशन सेक्‍टर के खास

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- जल्द ही नई शिक्षा नीति लाई जाएगी। शिक्षा व्यवस्था में और फंड देने की जरूरत है।
- उच्च शिक्षा के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा दी जाएगी।
- जिला अस्‍पतालों से जोड़े जाएंगे मेडिकल यूनिवर्सिटीज।
- पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज बनाए जाएंगे
- स्‍टडी इन इंडिया को प्रमोट किया जाएगा।
- देश में शिक्षकों और नर्सों की जरूरत।
- एजुकेशन सेक्‍टर के लिए 99 हजार 300 करोड़ रुपये का प्रस्‍ताव।
- स्किल डेवलपमेंट के लिए 3000 करोड़ का प्रावधान।
- एजुकेशन सेक्‍टर में FDI लाया जाएगा।
- सरस्‍वती सिंधु यूनिवर्सिटी का ऐलान।

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-डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए हर जिला अस्पताल में खोला जाएगा मेडिकल कॉलेज
- शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ज्यादा फंड की जरूरत होगी। एक साल के लिए युवाओं को लोकल बॉडी में इंटर्नशीप दी जाएगी। डिग्री लेवल का ऑनलाइन कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा।
- 2030 तक भारत में युवाओं की संख्या सबसे अधिक होगी , यानी नौकरी की आवश्यकता होगी। शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पैसे की जरूरत होगी।

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- बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को अच्‍छा रिस्‍पॉन्‍स मिला है।
- स्‍कूलों में लड़कियों का दाखिला, लड़कों से ज्‍यादा
- 35 हजार करोड़ पोषाहार योजना के लिए
- प्राइमरी शिक्षा में लड़कियों की हिस्सेदारी 94.32 फीसदी है, जबकि लड़के 89 फीसदी है, वहीं माध्यमिक शिक्षा की बात करें तो यहां भी लड़कियों का अनुपात बढ़ा है। लड़कियां 81.2 फीसदी है, लड़कों का भारीदारी 78 फीसदी है।
- हायर एजुकेशन में भी लड़कियों की हिस्सेदारी में इजाफा हुआ है। यहां लड़कियों की हिस्सेदारी 59 फीसदी है, जबकि लड़कों की हिस्सेदारी 57.54 फीसदी है।