नयी दिल्ली। पैसा कमाने के लि क्या-क्या पापड़ बेलने पड़ते हैं। नौकरी में बॉस की डांट सुननी पड़ती है तो बिजनेस में घाटा होने का डर लगा रहता है। इस सब के बाद भी सुकून का सांस नहीं मिलता। मगर अब एक जगह आपको आराम करने पर ही पैसे मिलेंगे। जी हां, यहां आपको कुछ न करने के पैसे मिलेंगे और वो भी लाखों में। आपको आराम करने के लिए पेमेंट होगी। ये सुनहरा मौका आपको जर्मनी एक यूनिवर्सिटी में मिल रहा है। एक जर्मन यूनिवर्सिटी आवेदकों को "आलस्य अनुदान" (आराम करने पर पैसों का भुगतान) की पेशकश कर रही है। इसके लिए बकायदा आपको गंभीर रूप से कुछ भी न करने के लिए प्रतिबद्ध होना होगा।

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15 सितंबर तक है आवेदन का मौका

द गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार हैम्बर्ग (जर्मनी) में यूनिवर्सिटी ऑफ फाइन आर्ट्स ने बुधवार को जर्मनी भर के आवेदकों के लिए तीन 1,600 यूरो (करीब 1.41 लाख रु) की स्कॉलरशिप के लिए विज्ञापन दिया है। आवेदक 15 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं और उन्हें जूरी को यह विश्वास दिलाना होगा कि उनका "एक्टिव इनेक्टिवटी" का चुना हुआ क्षेत्र विशेष रूप से प्रभावशाली या प्रासंगिक है। आवेदन पत्र में केवल चार प्रश्न होंगे। आप क्या नहीं करना चाहते हैं? आप इसे कब तक नहीं करना चाहते हैं? विशेष रूप से इस बात को करना क्यों महत्वपूर्ण नहीं है? आप इसे करने के लिए सही व्यक्ति क्यों नहीं हैं?

कुछ न करना आसान नहीं है

इस प्रोग्राम से जुड़े एक व्यक्ति के अनुसार कुछ न करना बहुत आसान नहीं है। उनके अनुसार हम सक्रिय निष्क्रियता पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। यदि आप कहते हैं कि आप एक सप्ताह तक मूव नहीं करेंगे तो वह प्रभावशाली है। यदि आप प्रस्ताव करते हैं कि आप आगे बढ़ने या सोचने नहीं जा रहे हैं तो यह और भी बेहतर हो सकता है। वैसे बता दें कि ये एक तरह की रिसर्च से जुड़ा एक प्रोग्राम है। इस प्रोग्राम में क्वालिफाई करने वालों को जनवरी 2020 तक पेमेंट की जाएगी। यह स्कॉलरशिप प्रोग्राम मजाक नहीं है बल्कि गंभीर इरादों वाला प्रयोग है।

आवेदक हैं स्वतंत्र

आवेदक अपनी निष्क्रियता की लंबाई निर्धारित करने के लिए स्वतंत्र हैं। प्रोग्राम से जुड़े एक अन्य विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर आप कहते हैं कि आप सोने नहीं जा रहे हैं, तो आप केवल कुछ दिनों के लिए ऐसा कर सकते हैं। लेकिन अगर आप कहते हैं कि आप खरीदारी नहीं करने जा रहे हैं, तो आप ये कुछ अधिक समय तक कर सकते हैं। बता दें कि इस तरह के प्रयोग अक्सर किए जाते रहते हैं। इसके जरिए नई नई खोज की जाती हैं और इन प्रयोगों में शामिल होने वालों को अच्छा खासा ठीक-ठीक पैसा दिया जाता है।