Cochin Shipyard Share price: हफ्ते के दूसरे ट्रेडिंग डे यानी मंगलवार को मार्केट की शुरुआत हरे निशान के साथ हुई। बाजार के दोनों बेंचमार्क तेजी के साथ कारोबार करते दिखाई दे रहे हैं। बीते दिन सोमवार को सेंसेक्स 61.52 अंक फिसलकर 80248 के स्तर पर जबकि निफ्टी 19.08 अंक गिरकर 24634 के स्तर पर बंद हुआ था।
भारत में शिपिंग सेक्टर एक बार फिर चर्चा में है। सरकार ने हाल ही में 70,000 करोड़ रुपए की समुद्री योजनाओं की घोषणा की है, जिसका लक्ष्य देश की समुद्री ताकत को और मजबूत बनाना है। ऐसे माहौल में निवेशकों की नजर मिनी रत्न कंपनी कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) पर है। यह कंपनी शिपबिल्डिंग और शिप रिपेयरिंग दोनों ही क्षेत्रों में सक्रिय है और डिफेंस से लेकर कमर्शियल सेक्टर तक काम करती है। जिसके बाद आज शुरुआती ट्रेडिंग के दौरान कोचीन शिपयार्ड के शेयर फोकस में दिखे।
शेयर का हाल
मंगलवार 30 सितंबर सुबह 9:40 बजे के करीब, कोचीन शिपयार्ड के शेयर बीएसई पर 0.63 फीसदी की तेजी के साथ 1782 रुपए के भाव पर कारोबार कर रहे थे।
कंपनी का सफर
कोचीन शिपयार्ड की शुरुआत 1972 में हुई थी। समय के साथ यह भारत की सबसे बड़ी शिपबिल्डिंग और रिपेयरिंग कंपनियों में से एक बन गई। यहां बड़े जहाजों के निर्माण और मरम्मत की क्षमता मौजूद है। कंपनी कार्गो शिप्स से लेकर युद्धपोत और एयरक्राफ्ट कैरियर तक का निर्माण कर चुकी है। यही कारण है कि इसे भारत के डिफेंस सेक्टर का भरोसेमंद नाम माना जाता है।
वित्तीय प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही कंपनी के लिए मजबूत रही। CSL का रेवन्यू बढ़कर 977 करोड़ रुपए पर पहुंच गया, जो पिछले साल से 38% ज्यादा है। मुनाफा भी बढ़कर 188 करोड़ रुपए हो गया। हालांकि शिपबिल्डिंग से आय में थोड़ी कमी आई, लेकिन शिप रिपेयरिंग बिजनेस से कंपनी को बड़ी बढ़त मिली।
ऑर्डर बुक और भविष्य
कंपनी के पास अभी लगभग 21,100 करोड़ रुपए की ऑर्डर बुक है। इसमें सबसे ज्यादा हिस्सेदारी डिफेंस प्रोजेक्ट्स की है। भविष्य की ऑर्डर पाइपलाइन और भी बड़ी है, जो करीब 2,85,000 करोड़ रुपए की बताई जा रही है। इसमें से 70% से ज्यादा ऑर्डर्स डिफेंस सेक्टर से जुड़े हैं। यह साफ दिखाता है कि CSL का भविष्य डिफेंस पर ही आधारित है।
निवेशकों के लिए संदेश
कंपनी लगभग कर्ज मुक्त है और इसका ROCE करीब 20% है। साथ ही, यह अपने शेयरधारकों को डिविडेंड भी देती है। इन आंकड़ों से यह साफ है कि CSL न केवल वित्तीय रूप से मजबूत है बल्कि निवेशकों को स्थिर रिटर्न देने वाली कंपनी भी है।
कोचीन शिपयार्ड की सबसे बड़ी ताकत डिफेंस सेक्टर में है। आने वाले वर्षों में सरकारी योजनाओं और नौसेना की जरूरतों के चलते इस कंपनी के पास तेजी से बढ़ने के बड़े मौके मौजूद हैं।
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