8th pay commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी जानकारी जरूर जारी की गई है, लेकिन सबसे अहम बिंदु नए वेतन और नई पेंशन की शुरू होने की तारीख सरकारी दस्तावेज़ों में साफ नहीं है। इसी वजह से देशभर के कर्मचारियों में नई टेंशन पैदा हो गई है कि कहीं फैसला लेट न हो जाए।

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7वें वेतन आयोग की अवधि खत्म होने वाली, लेकिन अगला कब शुरू होगा?

सरकार सामान्यत हर 10 साल बाद नया वेतन आयोग लागू करती है। 7वें वेतन आयोग की समयसीमा 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो रही है। कर्मचारियों का मानना था कि 1 जनवरी 2026 से नए वेतन ढांचे का फायदा मिलना चाहिए, लेकिन इस बार जारी दस्तावेज़ों में तारीख को लेकर कोई स्पष्टता न होने से सब हैरान हैं।

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कई कर्मचारियों का कहना है कि जब तक सरकार लागू होने की तारीख तय नहीं करती, तब तक वेतन संशोधन को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी।

कर्मचारी संघों ने मिलकर सरकार से जवाब मांगा

तारीख अस्पष्ट होने के बाद अब कई बड़े यूनियन्स एक मंच पर आ गए हैं। डिफेंस कर्मचारी संगठन, केंद्रीय कर्मचारी संघ और भारत पेंशनर्स समाज (BPS) ने मिलकर प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को चिट्ठी भेजी है। इनका कहना है कि कर्मचारियों और पेंशनर्स के मन में कई सवाल हैं, इसलिए सरकार को तुरंत स्थिति साफ करनी चाहिए।

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टीओआर में अहम बदलावों की लिस्ट भेजी गई

इन संगठनों ने सरकार द्वारा जारी Terms of Reference (ToR) में 7 बड़े बदलाव सुझाए हैं। ये मांगें इस तरह हैं:

लागू होने की तारीख को दस्तावेज़ में जोड़ा जाए

यूनियन्स का कहना है कि आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू होंगी, यह बात स्पष्ट रूप से लिखी जानी चाहिए।

OPS दोबारा लागू हो और NPS बंद किया जाए

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2004 के बाद भर्ती हुए 26 लाख कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना वापस लाने की मांग लगातार बढ़ रही है। कर्मचारी मानते हैं कि NPS उन्हें भविष्य की सुरक्षा नहीं देता।

तीनों पेंशन मॉडल की संयुक्त जांच

OPS, NPS और यूनिफाइड पेंशन स्कीम-तीनों का एकसाथ तुलनात्मक मूल्यांकन किया जाए, ताकि सबसे बेहतर विकल्प चुना जा सके।

सभी पेंशनर्स के लिए समान नियम

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यूनियन्स का कहना है कि पेंशन में भेदभाव हटाकर सबके लिए एक जैसे नियम लागू हों।

GDS और अन्य संस्थाओं को भी आयोग के दायरे में लाया जाए

ग्रामीण डाक सेवक, ऑटोनॉमस बॉडी और स्टैच्यूटरी संस्थाओं के कर्मचारियों को भी वेतन आयोग में शामिल करने की मांग की गई है।

महंगाई के बीच 20% अंतरिम राहत तुरंत मिले

महंगाई को देखते हुए यूनियन्स चाहती हैं कि अंतिम रिपोर्ट आने तक सैलरी व पेंशन में 20% अंतरिम बढ़ोतरी दे दी जाए।

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CGHS में सुधार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं

अधिक हेल्थ सेंटर खोलने, कैशलेस इलाज की सुविधा बढ़ाने और लंबित सिफारिशों को मंजूरी देने की भी मांग है।

कर्मचारियों की नजर अब सरकार के अगले कदम पर

इन सभी मांगों क बीच कर्मचारियों की सबसे बड़ी चिंता यही बनी हुई है कि 8वां वेतन आयोग कब लागू होगा। सरकार की चुप्पी से अनुमान और बढ़ गए हैं, लेकिन कर्मचारी संगठनों को उम्मीद है कि जल्द कोई आधिकारिक घोषणा की जाएगी।