8th Pay Commission: केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग के Terms of Reference (ToR) को मंजूरी दे दी थी, जिसके बाद कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई थी। अब कर्मचारियों को उम्मीद है कि आने वाले साल में उनका सैलरी स्ट्रक्चर पूरी तरह बदल सकता है।
इस आयोग की अध्यक्षता न्यायमूर्ति (रिटायर्ड) रंजन देसाई कर रहे हैं, जो सभी संबंधित पक्षों से बातचीत के बाद अपनी सिफारिशें पेश करेंगे। वहीं,एक चीज और चर्चा का विषय बनी हुई है आखिर क्या है फिटमेंट फैक्टर चलिए आपको इसे आसान भाषा में समझाते हैं।
क्या है फिटमेंट फैक्टर?
वेतन आयोग की सिफारिशों में सबसे अहम भूमिका निभाता है फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor)। इसी के आधार पर तय होता है कि कर्मचारियों के मूल वेतन (Basic Pay) में कितनी बढ़ोतरी होगी। पिछले यानी 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था, यानी पुराने वेतन को 2.57 से गुणा कर नया वेतन तय किया गया था। अब कर्मचारी संगठन मांग कर रहे हैं कि इस बार फिटमेंट फैक्टर को 2.86 या उससे अधिक रखा जाए, ताकि बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों को राहत मिल सके। हालांकि, फिलहाल एनसी-जेसीएम की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
कैसे तय होता है फिटमेंट फैक्टर?
हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार किसी भी फिटमेंट फैक्टर को तय करने से पहले कई आर्थिक और सामाजिक पहलुओं पर विचार करती है। इसमें महंगाई दर, जीवन-यापन सूचकांक (Cost of Living Index) और Dr. Aykroyd सूत्र प्रमुख भूमिका निभाते हैं। यह सूत्र आम लोगों की जरूरतों और बाजार में वस्तुओं की कीमतों में बदलाव को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है। श्रम ब्यूरो, शिमला इस पर समय-समय पर रिव्यू करता है, ताकि कर्मचारियों को सही सैलरी स्ट्रक्चर मिल सके।
आर्थिक रिपोर्टों का अनुमान
विभिन्न फाइनेंशियल संस्थानों ने अपने अनुमान पेश किए हैं। Ambit Capital की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार फिटमेंट फैक्टर को 1.83 से 2.46 के बीच रख सकती है। वहीं Kotak Institutional Equities का अनुमान है कि यह 1.8 तक सीमित रह सकता है।
अगर ऐसा हुआ तो कर्मचारियों के वेतन में 14% से 34% तक की बढ़ोतरी संभव है। हालांकि, नया वेतन लागू होने पर महंगाई भत्ता (DA) रीसेट होकर शून्य हो जाएगा, जिससे शुरुआती वृद्धि थोड़ी कम दिख सकती है।
कितनी बढ़ सकती है सैलरी?
अभी न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 है। अगर फिटमेंट फैक्टर 1.8 तय होता है तो बेसिक वेतन ₹32,400 तक जा सकता है। 2.0 फैक्टर पर यह ₹36,000, और 2.46 फैक्टर पर ₹44,280 तक पहुंच सकता है। अगर सरकार 7वें वेतन आयोग जैसा 2.57 फैक्टर लागू करती है, तो न्यूनतम वेतन ₹46,260 तक बढ़ जाएगा।
कर्मचारियों के लिए उम्मीद की किरण
8वां वेतन आयोग लागू होने के बाद लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, आयोग की सिफारिशें और सरकार की अंतिम मंजूरी आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी। फिलहाल, सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि फिटमेंट फैक्टर कितना तय किया जाएगा क्योंकि यही तय करेगा कि कर्मचारियों की सैलरी में असल बढ़ोतरी कितनी होगी।
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