नई दिल्ली। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए आम बजट पेश करेंगी। कोरोना महामारी की वजह से अर्थव्यवस्था में सुस्ती का दौर जारी है। लॉकडाउन की वजह से महीनों कारोबार बंद रहे। इसके चलते नौकरियां गईं। इसका सबसे का बड़ा असर लोगों की कमाई पर पड़ा और यह कामी कम रह गई। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि सरकार इस बजट में कुछ खास प्रावधान करेगी। वहीं आम आदमियों को सरकार से 5 खास उम्मीदें हैं।

Advertisement

वर्क फ्रॉम होम वालों को राहत की जरूरत

वर्क फ्रॉम् होम कर रहे कर्मचारियों को घर पर कार्यालय जैसी व्यवस्था करने के लिए काफी पैसा खर्च करना पड़ रहा है। ऐसे में इस बार ऐसे लोगों को इस बजट से कुछ राहत की उम्मीद है।

Advertisement

टैक्स में राहत की उम्मीद

वही नौकरीपेशा लोगों को टैक्स के मोर्चे पर बजट में स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ने की उम्मीद है। स्टैंडर्ड डिडक्शन वह रकम होती है, जो टैक्सेबल इनकम में से घटाने के बाद टैक्स का हिसाब लगाया जाता है। ऐसे में यह छूट इनकम से घट जाती है, जिससे कम रकम पर टैक्स देना होता है। इस समय स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट 50,000 रुपये है।

Advertisement

होम लोन पर छूट की उम्मीद

वहीं लोगों को होम लोन के प्रिंसिपल रिपेमेंट पर छूट बढ़ने की उम्मीद है। लोगों की मांग है कि इस रूप में मिलने वाली 1.5 लाख रुपये की छूट को इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के दायरे से बाहर किया जाए, जिससे इसका पूरा फायदा लिया जा सके।

सेक्शन 80सी की छूट बढ़े

वहीं लोगों की मांग है कि सेक्शन 80सी के तहत इंश्योरेंस प्रीमियम, होम लोन के प्रिंसिपल रिपेमेंट, एफडी, पीएफ आदि पर 1.5 लाख रुपये तक की छूट मिलती है, जिस बढ़ाया जाए। लोगों की मांग है कि इस छूट को बढ़ाकर 2.5 रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक किया जाए।

Advertisement

हेल्थ बीमा को मिले छूट

महामारी ने साबित किया है कि हेल्थ इंश्योरेंस प्रोडक्ट अब बड़ी जरूरत हैं। अभी तक इनको विकल्प समझा जाता रहा है। कई कंपनियों ने अपने कर्मचारियों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस अनिवार्य कर दिया है। इसे देखते हुए उम्मीद की जा सकती है कि सरकार भी इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80डी की अधिकतम लिमिट को बढ़ाने पर कुछ फैसला ले सकती है।

Advertisement