आज यानी 17 जून से शेयर बाजार में हलचल बढ़ने वाली है। चार नई SME कंपनियों के IPO सब्सक्रिप्शन के लिए खुल रहे हैं। निवेशक अब क्ले क्राफ्ट इंडिया (Clay Craft India), दीक्षा पॉलीमर्स (Diksha Polymers), लायोटेक इंडस्ट्रीज (Liotech Industries) और लीपफ्रॉग इंजीनियरिंग (Leapfrog Engineering) के लिए बोली लगा सकते हैं। मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल सेक्टर की इन कंपनियों के आने से निवेशकों के पास चुनाव के कई विकल्प मौजूद हैं। ध्यान रहे कि UPI मैंडेट के लिए शाम 5 बजे की डेडलाइन तय की गई है।

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प्राइमरी मार्केट में इस वक्त काफी रौनक है और मंझोली कंपनियां बिजनेस विस्तार के लिए बाजार से पूंजी जुटा रही हैं। सेरामिक एक्सपर्ट्स से लेकर पॉलीमर मैन्युफैक्चरर्स तक, हर कंपनी के अपने वित्तीय आंकड़े और खासियतें हैं। हालांकि, SME IPO में निवेश के साथ एक जोखिम यह भी है कि मेनबोर्ड शेयरों के मुकाबले यहां लिक्विडिटी कम हो सकती है। इसलिए रिटेल निवेशकों को पैसा लगाने से पहले प्राइस बैंड और लॉट साइज को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए।

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SME IPO में निवेश से पहले बिजनेस की क्वालिटी कैसे परखें?

सिर्फ लिस्टिंग गेन की चमक देखकर निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए कंपनी की बुनियादी मजबूती को परखना जरूरी है। निवेश से पहले कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो (कर्ज और पूंजी का अनुपात) और ऑपरेटिंग कैश फ्लो जरूर चेक करें। जिन कंपनियों के पास ग्राहकों का बड़ा और विविधता भरा बेस होता है, वे बाजार के उतार-चढ़ाव को बेहतर तरीके से झेल पाती हैं। ये चारों IPO इंजीनियरिंग और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स का एक मिला-जुला विकल्प पेश कर रहे हैं।

कंपनी का नामप्राइस बैंड (प्रति शेयर)लॉट साइज (शेयर)
Clay Craft Indiaफाइलिंग देखेंएक्सचेंज चेक करें
Diksha Polymersफाइलिंग देखेंएक्सचेंज चेक करें
Liotech Industriesफाइलिंग देखेंएक्सचेंज चेक करें
Leapfrog Engineeringफाइलिंग देखेंएक्सचेंज चेक करें

बाजार का मूड कभी भी बदल सकता है, इसलिए लिस्टिंग के दिन मुनाफा समेटने के लिए एक एग्जिट स्ट्रैटेजी तैयार रखना जरूरी है। कई ट्रेडर्स ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) के रुझानों पर नजर रखते हैं, लेकिन यह काफी अस्थिर हो सकता है। आवेदन के लिए बैंकों या ब्रोकर्स के जरिए ASBA प्रोसेस का पालन करना अनिवार्य है। तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए अपना UPI मैंडेट समय रहते अप्रूव कर दें ताकि एक्सचेंज पर कोई रुकावट न आए।

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17 जून को खुलने वाले SME IPO के लिए सब्सक्रिप्शन प्रोसेस

SME सेगमेंट में तगड़े रिटर्न की संभावना के साथ जोखिम और उतार-चढ़ाव भी ज्यादा होता है। निवेशकों को उन कंपनियों को प्राथमिकता देनी चाहिए जिनका कर्ज कम हो और पिछले कुछ सालों में रेवेन्यू ग्रोथ मजबूत रही हो। हमेशा अपनी रिस्क लेने की क्षमता और लिस्टिंग की टाइमलाइन को ध्यान में रखकर ही बोली लगाएं। भारतीय बाजार में हाई-ग्रोथ के मौकों का फायदा उठाने के लिए एक अनुशासित नजरिया अपनाना ही समझदारी है।