नई दिल्ली, 29 अप्रैल। डिजिटल पेमेंट और फाइनेंशियल सर्विस कंपनी पेटीएम ने 21,000 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर्स के लिए ऑर्डर दिया है जो मई के पहले सप्ताह से देश में उपलब्ध कराया जाएगा। बता दें कि इस काम के लिए पेटीएम ने 5 करोड़ रु जनता से जुटाये हैं, जबकि इतना ही योगदान खुद किया है। यानी कुल मिला कर कंपनी ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर्स की खरीदारी के लिए कुल 10 करोड़ रुपये का इस्तेमाल करेगी। ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर्स हवा से ऑक्सीजन को फ़िल्टर करता है और उन मरीजों की मदद करता है, जिन्हें सांस लेने में हल्की दिक्कत होती है।
पेटीएम फाउंडेशन ने इंस्टैंट राहत प्रदान करने के लिए ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर्स आयात करने का ऑर्डर पहले ही दे दिया है। कंपनी के संस्थापक विजय शेखर शर्मा मेडिकल एक्सपर्ट्स के साथ एक डेडिकेटेड टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। आयात किए जाने वाले ये उपकरण तुरंत सरकारी अस्पतालों, कोविड हेल्थकेयर फैसिलिटीज, निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों को भेजे जाएंगे।
ऑक्सीजन फॉर लाइफ कैम्पेन के तहत पेटीएम फाउंडेशन की वेबसाइट पर प्राइवेट अस्पताल, आरडब्ल्यूए और एनजीओ ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर की खरीदारी के लिए गाइडेंस के लिए अनुरोध कर सकते हैं। भारत कोरोनावायरस संक्रमण की दूसरी लहर से जूझ रहा है। कई राज्यों के अस्पताल कोविड-19 मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मेडिकल ऑक्सीजन और बेड की कमी से जूझ रहे हैं।
भारत में कोरोनावायरस संक्रमण के 3,60,960 नये मामले सामने आए हैं। इससे कुल संख्या 1,79,97,267 तक पहुंचा गयी है। स्थिति ऐसी है कि मरीजों के परिवार ऑक्सीजन के लिए इधर-उधर दौड़ रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर में ऑक्सीजन उपकरणों की कमी को लेकर लगातार रिपोर्ट आ रही हैं। ऑक्सीजन की कमी सहित कई कारणों से इस क्षेत्र के अस्पतालों में लोगों ने जान गंवाई है।
दिल्ली एनसीआर क्षेत्र के कई ऑक्सीजन विक्रेताओं ने कहा है कि उनके पास ऑक्सीजन सिलेंडर स्टॉक खत्म हो गया है। देश भर के लोगों के समर्थन और योगदान के बाद, पेटीएम अब अगले कुछ दिनों में 3,000 और ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर खरीदने के लिए 14 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य सेट कर रही है। पेटीएम का उद्देश्य अन्य संगठनों और उद्यमों के लिए ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर प्राप्त करने के लिए एक डेस्टिनेशन बनना है। बता दें कि पेटीएम ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर खरीदने के लिए 10 करोड़ रु जुटाने का था। कंपनी ने कहा था कि ये जितना पैसा लोगों से जुटाएगी, उतना ही योगदान खुद करेगी।
देश में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने के लिए सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सजुकी ने एक अहम फैसला लिया है। कंपनी ने अपने सभी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स को मेंटेनेंस के लिए जून के बजाय 1 मई से बंद करने का फैसला लिया है। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि मेडिकल जरूरत के लिए ऑक्सीजन पहुंचाई जा सके। मारुति सुजुकी ने अपनी मेंटनेंस क्लोजिंग को समय से पहले लागू करने का फैसला किया है, जो मूल रूप से जून से लागू होना था। इसी तरह 1 से 9 मई तक कंपनी के प्लांट बंद रहेंगे। कंपनी के सभी प्लांट में उत्पादन नहीं किया जाएगा। सुजुकी मोटर गुजरात ने भी ऐसा ही फैसला लिया है।
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