प्राइवेट क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक ने जीएसटी नेटवर्क में अपनी पूरी 10 प्रतिशत हिस्‍सेदारी 13 राज्‍य सरकारों को बेच दी है। बैंक ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। यह कंपनी (जीएसटीएन) जीएसटी कर संग्रह की सुविधा देती है।

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इस बारे में आईसीआईसीआई बैंक ने शेयर बाजारों को बताया कि यह हिस्सेदारी बिक्री एक करोड़ नकद में हुई है। बैंक ने कहा कि विभिन्न राज्य सरकारों को हिस्‍सेदारी हस्‍तांतरित करने का काम मार्च 2020 के अंत तक पूरा हो जाएगा।

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आईसीआईसीआई बैंक असम सरकार को 0.14 प्रतिशत हिस्सेदारी और तेलंगाना सरकार को 0.81 प्रतिशत हिस्‍सेदारी हस्‍तांतरित करेगा।

इसके अलावा गोवा, केरल, मणिपुर, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, झारखंड, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश सरकारों में से प्रत्येक को 0.82 प्रतिशत भागीदारी का स्थानांतरण किया जाएगा।

सरकार ने पिछले साल जीएसटी नेटवर्क को सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई बनाने का फैसला किया था, जिसके बाद आईसीआईसीआई बैंक कंपनी से बाहर हो गया है।

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इस फैसले के अनुसार, जीएसटी नेटवर्क में केंद्र की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी और बाकी हिस्सेदारी राज्य सरकारों के पास होगी।

वर्तमान में, केंद्र और राज्य सरकारों की कंपनी में कुल मिलाकर 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है जबकि बाकी 51 प्रतिशत हिस्सेदारी एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एनएसई स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट कंपनी और एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस के पास है।

पिछली UPA सरकार के तहत GSTN को 28 मार्च 2013 को एक निजी लिमिटेड कंपनी के रूप में शामिल किया गया था। यह एक लाभ के लिए इकाई है। जीएसटीएन में निजी कंपनियों को बहुसंख्यक हिस्सेदारी रखने की अनुमति देने और इसकी संरचना को बदलने की मांग को लेकर आलोचना हुई थी।

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जीएसटी, जिसने एक ही लेवी के साथ कई राज्य और केंद्रीय करों को प्रतिस्थापित किया था, को पिछले साल 1 जुलाई को पूरे देश में लागू किया गया था।