गुरुवार को निर्मला सीतारमण ने एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग के लिए बैंगलुरु और कोलकाता को भी जोड़ा जाएगा। आपको बता दें कि वर्ल्‍ड बैंक के नवीनतम ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग में भारत ने 14 अंक की छलांग लगाई है और 63 वें स्थान पर पहुंच गया है।

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वर्ल्‍ड बैंक के सर्वे में पहले बेंगलुरु और कोलकाता का प्रतिनिधित्‍व नहीं था लेकिन अब बेंगलुरु और कोलकाता के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि इनसॉवेवेन्सी, एनसीएलटी और अन्य सुधारों से इनसॉवेवेन्सीसी की रैन्ंकिंग 2018 के 108 से सुधकर 2019 में 52 पर आ गई है।

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विश्व बैंक की रैंकिंग के अनुसार इस लिस्ट में न्यू जीलैंड टॉप पर है। इसके बाद क्रमशः सिंगापुर, हॉन्‍गकॉन्‍ग का नंबर है। दक्षिण कोरिया इस लिस्ट में पांचवे और अमेरिका छठे स्थान पर हैं। यह लिस्ट ऐसे समय में आई है जब भारतीय रिजर्व बैंक, विश्व बैंक और आईएमएफ ने देश की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान में कटौती की है।

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उन्होंने कहा कि इनसॉल्‍वेन्सी की रैंकिंग में हम 52 वें स्थान पर हैं। बिजनेस की शुरुआत काफी महत्‍वपूर्ण बिन्‍दु है और इसमें सिर्फ 1 रैंक का सुधार हुआ है। वित मंत्री ने कहा कि अभी काफी कुछ किया जाना बाकी है। क्‍योंकि हमारा लक्ष्‍य रैंकिंग में शीर्ष 50 में आने का है। उन्होंने कहा कि इज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग में सुधार के लिए हम प्रयास करेंगे।

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इस मौके पर वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कहा की वस्‍तु एवं सेवा कर (GST) को और सरल बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने उम्‍मीद जताई कि इससे वर्ल्‍ड बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैकिंग में और ज्‍यादा सुधार करने में मदद मिलेगी।

साथ ही संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि राज्‍यों को भी देश के कारोबारी माहौल को सुधारने की दिशा में प्रयास करने चाहिए, खासतौर पर प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के मामले में।

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इसके अलावा उन्होंने कहा कि इनसॉवेवेन्सी और बैंकरपन्सी कोड (IBC) लागू करने से भारत की व्यापार रैंकिंग सुधारने में मदद मिली है।

तो वहीं चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने कहा कि हाल में बैंकों द्वारा उठाए गए कदमों से एमएसएमई सेक्टर को कर्ज मिलने में आसानी हुई है।