नई दिल्ली। देश में 7 करोड़ मोबाइल नंबर बंद होने का खतरा है। इनको मोबाइल नंबरों के लिए टेलिकॉम् रेग्यूलेटर ट्राई ने 31 अक्टूबर 2019 की डेट लाइन की घोषणा कर दी है। अगर इन 7 करोड़ मोबाइल नंंबरों के ग्राहक अपने मोबाइल नंबर पोर्ट नहीं कराते हैं, तो 31 अक्टूबर के बाद ये मोबाइल नंबर बंद हो जाएंगे। बाद में यह मोबाइल नंबर अन्य लोगों को बांट दिए जाएंगे। अगर कोई चाहता है कि उसका नंबर बचा रहे तो उसे 31 अक्टूबर 2019 तक के पहले अपना मोबाइल दूसरी कंपनी में पोर्ट करना होगा।

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क्या है 7 करोड़ मोबाइल नंबरों का मामला

रिलायंस जियो के आने के बाद देश की कई मोबाइल कंपनियां बंद हो गई थीं। इन्हीं में से एक कंपनी थी एयरसेल। एयरसेल ने जब अपना आपरेशन बंद किया था, उस वक्त उसके पास करीब 9 करोड़ ग्राहक थे। ट्राई के अनुसार, इन 9 करोड़ मोबाइल नंबरों में से करीब 2 करोड़ मोबाइल नंबर लोगों ने दूसरी मोबाइल कंपनियों में पोर्ट करा लिए हैं। वहीं बचे 7 करोड़ नंबरों को अभी तक पोर्ट नहीं कराया गया है। ऐसे में ट्राई ने कहा है कि अगर यह 7 करोड़ मोबाइल नंबर पोर्ट नहीं कराए गए, तो यह 31 अक्टूबर के बाद परमानेंट बंद हो जाएंगे।

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एयरसेल ने मांगा था एडिशनल यूपीसी

एयरसेल ने फरवरी 2018 में जब अपनी सेवाएं बंद की थी, तो उस वक्त ट्राई से एडिशनल यूपीसी आवंटित करने का आग्रह किया था। इसके बाद ट्राई ने एडिशनल कोड जारी कर दिए थे। लेकिन इस सेवा का फायदा केवल करीब 2 करोड़ लोगों ने ही उठाया था। इस प्रकार अभी भी करीब 7 करोड़ एयरसेल के ऐसे ग्राहक बचे हैं, जिन्होंने अपना मोबाइल नंबर पोर्ट नहीं कराया है।

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ये है मोबाइल नंबर पोर्ट कराने का तरीका

अगर आपके पास भी ऐसा मोबाइल नंबर है तो उसे पोर्ट करा सकते हैं। इसका तरीका काफी आसान है। इसके लिए सबसे पहले अपने मैसेज बॉक्स में जाकर पोर्ट (PORT) लिखना होगा। इसके बाद इस पोर्ट लिखे मैसेज को 1900 नंबर पर भेजना है। जैसे ही यह मैसेज जाता है, एक कोड नंबर मैसेज पर ही आ जाता है। इसे पोर्ट नंबर कहा जाता है। इसी पोर्ट नंबर के सहारे आपका मोबाइल नंबर किसी भी दूसरी मोबाइल कंपनी में चला जाता है। एयरसेल के ग्राहक 31 अक्टूबर के पहले अपना नंबर इसी तरह पोर्ट करा सकत हैं।

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