नई दिल्ली। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने कहा है कि 11 नवंबर से मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) के लिए नई व्यवस्था लागू हो जाएगी। इस कारण 4 से 10 नवंबर के बीच एमएनपी के लिए आवेदन नहीं स्वीकार किए जाएंगे। ट्राई का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद मोबाइल नंबर को एक ऑपरेटर से दूसरे ऑपरेटर पर बदलने में लगने वाला समय कम हो जाएगा।
अधिकतम पांच दिन का समय लगेगा
ट्राई के एक अधिकारी ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत अगर कोई व्यक्ति एक सेवा क्षेत्र से मोबाइल कंपनी बदलने का आग्रह करता है, तो यह प्रक्रिया दो कामकाजी दिवस में पूरी होगी। वहीं एक सर्किल से दूसरे सर्किल के लिए नंबर पोर्टेबिलिटी के आग्रह को पांच दिन में पूरा करना होगा। नई मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी व्यवस्था में पूरी प्रक्रिया त्वरित और सरल होगी। इसमें प्रक्रिया पूरी होने में कम समय लगेगा जो फिलहाल 7 दिन है। ट्राई ने एक बयान में कहा कि सभी लाइसेंस सेवा क्षेत्र के लिए मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी 4 नवंबर 2019 से शाम 6 बजे से 10 तारीख के लिए आवेदन नहीं दिए जा सकेंगे।
4 नवंबर को 6 बजे से पहले करें आवेदन
ट्राई ने कहा है कि एमएनपी के लिए 6 दिनों की अवधि को नो सर्विस पीरियड घोषित किया गया है। यह अवधि 4 नवंबर को शाम 6 बजे से 10 नवंबर की रात को 11.59.59 बजे तक लागू रहेगी। यह पाबंदी देश के सभी सर्किलों के लिए होगी। एमएनपी के नए नियम 11 नवंबर की मध्यरात्रि से ही लागू हो जाएंगे। मौजूदा व्यवस्था के तहत मोबाइल सब्सक्राइबर यूनिक पोर्टिंग कोड (यूपीसी) जनरेट करके 4 नवंबर को शाम 5 बजकर 59 मिनट और 59 सेकेंड से पहले अपना एमएनपी आवेदन जमा कर सकते हैं। 11 नवंबर को नई व्यवस्था लागू होने के बाद सब्सक्राइबर्स को दोबारा से यूपीसी कोड जनरेड करना होगा। नो सर्विस पीरियड के दौरान को भी यूपीसी जनरेट नहीं होगा।
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