हाल ही में ई-कॉमर्स वेबसाइट अमेजन और फ्लिपकार्ट ने शॉपिंग सेल का आयोजन किया था, जिसमें कि मात्र 4 दिन के सेल में दोनों कंपनियों ने करोड़ों रुपए की सेल का हवाला दिया। दोनों ही कंपनियां बड़े-बड़े ऑफर या डिस्‍काउंट की पेशकश करती हैं। ये ऑफर और डिस्‍काउंट कितने सही हैं इसकी जांच अब भारत सरकार की ओर से की जाएगी।

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दरअसल, सरकार जांच करेगी कि उन्‍होंने प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश यानी एफडीआई के नियमों का कहीं उल्‍लंघन तो नहीं किया है। केंद्रीय मंत्रालय के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है। केंद्र सरकार ने ऑफलाइन कारोबार करने वाले 13 करोड़ कारोबारियों को बड़े ऑनलाइन डिस्‍काउंट से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए फरवरी में एफडीआई के नियमों में बदलाव किया था। नियमों में बदलाव की वजह से ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने बिजनेस स्ट्रक्चर में बदलाव करना पड़ा था। सरकार के कदम की अमेरिका ने कड़ी आलोचना की थी, जिसके बाद भारत और अमेरिका के व्यापारिक संबंधों में खटास आ गई थी।

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इस पर अमेजन और फ्लिपकार्ट का कहना है कि उन्होंने नियमों का पालन किया है, जबकि स्थानीय कारोबारी संगठनों ने कहा है कि फेस्टिव सीजन को लेकर चल रहे ऑनलाइन सेल में भारी-भरकम डिस्‍काउंट दिया जा रहा है और किसी-किसी मामले में यह 50% से भी अधिक है। फ्लिपकार्ट द्वारा सेलर्स को भेजे गए ई-मेल और ट्रेनिंग मटेरियल्स को देखा है, जिसमें उसने डिस्‍काउंट पर सामान बेचने वाले सेलर्स से मिलने वाले सेल्स कमिशन को कम करने की पेशकश की है।

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तो वहीं केंद्रीय मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि 70 लाख रिटेलरों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने ऑनलाइन कंपनियों के खिलाफ शिकायतें की हैं और उनके खिलाफ सबूत भी दिया है। सीएआईटी ने आरोप लगाया है कि ई-कॉमर्स कंपनियां प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के नियमों का उल्लंघन कर रही हैं।