किसानों के लिए गुड न्‍यूज है। वह अपनी फसलों के अच्‍छे उत्‍पादन के लिए जिन खादों का इस्‍तेमाल करते हैं उनकी कीमत खाद कंपनी घटा दी है। किसानों की भलाई के लिए मोदी सरकार भी हर तरह के प्रयास कर रही है। सरकार के साथ अन्य सहकारी और सहायक कंपनियां भी किसान हित में निर्णय ले रही हैं।

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इस कड़ी में देश की सबसे बड़ी सहकारी संस्था 'इंडियन फॉर्मर्स फर्टिलाइजर कोआपरेटिव लिमिटेड' (IFFCO) ने डाई-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी कॉम्प्लेक्स) सहित कई खाद की कीमतों में 50 रुपये की कटौती की है। इफको ने यह फैसला कच्चे माल और वैश्विक कीमतों में हुई कटौती के बाद किया है।

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आपको बता दें कि इफको ने फर्टिलाइजर (उर्वरक) के मूल्य घटा दिए हैं। तो वहीं फास्फोरस, नाइट्रोजन, पोटाश वाले कांप्लेक्स फर्टिलाइज़र के मूल्य 50 रुपये प्रति बैग घटाए हैं। इफको (इफको) के प्रबंध निदेशक यूएस अवस्थी के अनुसार, कंपनी ने डीएपी के अलावा अन्य खाद की खुदरा कीमतों में कटौती की है।

इसके साथ ही इफको ने डीएपी की 50 किलो की बोरी की नई कीमत 1250 रुपये कर दी है। आपको बता दें कि पहले इसकी खुदरा कीमत 1300 रुपये थी। एनपीके -1 कॉम्‍पलेक्स की कीमत 1250 रुपये से घटकर के 1200 रुपये हो गई है और एनपीके -2 की कीमत 1260 रुपये से घटाकर 1210 रुपये की गई है।

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डॉ. अवस्थी ने पहले भारतीय आंतरिक सहकारी व्यापार मेला में उर्वरकों के मूल्य में कमी लाने की घोषणा करते हुए कहा कि कच्चे माल के मूल्य में आई कमी के कारण ऐसा किया गया है। उन्होंने कहा कि कच्चे माल के मूल्य में आई कमी का फायदा किसानों को निश्चित रूप से मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मूल्य में कमी तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। डीएपी अब 1200 रुपये प्रति बैग मिलेगा जबकि एनपीके का मूल्य 975 रुपये से 1175 रुपये प्रति बैग होगा। इफको ने इससे पहले भी उर्वरकों के मूल्यों में कई बार कमी की थी।

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इस बारे में अवस्थी ने कहा कि इफको के इस प्रयास से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने की योजना में मदद मिलेगी। इफको 35 हजार सहकारी समितियों के माध्यम से देश के पांच करोड़ किसानों को अपनी सेवाएं देता है। इफको सालाना 81.49 लाख टन उर्वरक का उत्पादन करती है और इसका कारोबार 27852 करोड़ का है। देश के किसानों में डीएपी और एनपीके की भारी मांग रहती है।