नई दिल्ली। खुदरा निवेशक म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) को तवज्जो दे रहे हैं। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के मुताबिक, म्यूचुअल फंड उद्योग ने चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में एसआईपी के जरिए 49,000 करोड़ रुपये से अधिक जुटाए। यह एक साल पहले की इसी अवधि की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक है। अप्रैल-सितंबर 2018 में यह आंकड़ा 44,487 करोड़ रुपये था।

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एसआईपी म्यूचुअल फंड में निवेश का सही तरीका

म्यूचुअल फंड उद्योग ने कहा कि खुदरा निवेशकों के लिए म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए अब भी एसआईपी सबसे उपयुक्त माध्यम बना हुआ है। ताजे आंकड़ों के मुताबिक, 2019-20 की अप्रैल-सितंबर अवधि में एसआईपी के जरिए 49,361 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।

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ये है महीने के हिसाब से निवेश आंकड़ा

इस साल सितंबर तक एसआईपी के जरिए हर महीने औसतन 8,000 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। पिछले कुछ सालों में एसआईपी के जरिए निवेश में तेजी देखी गई है। वित्त वर्ष 2018-19 में एसआईपी के माध्यम से करीब 92,700 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था। 2017-18 में यह आंकड़ा 67,000 करोड़ से अधिक और 2016-17 में 43,900 करोड़ रुपये से अधिक था।

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करीब 3 करोड़ एसआईपी चल रहीं

वर्तमान में, म्यूचुअल फंड कंपनियों के पास 2.84 करोड़ एसआईपी खाते हैं, जिनके जरिए निवेशक भारतीय म्यूचुअल फंड योजनाओं में निरंतर निवेश कर रहे हैं। इस साल सितंबर के अंत में 44 कंपनियों वाले म्‍युचुअल फंड उद्योग के प्रबंधन के तहत परिसंपत्ति 25.68 लाख करोड़ रुपये रही। एक साल पहले के सितंबर अंत में यह आंकड़ा 24.31 लाख करोड़ रुपये था। एसआईपी के माध्यम से निवेश को म्यूचुअल फंड में सबसे अच्छा तरीका समझा जाता है।

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