नई दिल्ली। यूटीआई असेट मैनेजमेंट कंपनी (एएमसी) आगामी मार्च से अप्रैल के बीच प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की तैयारी कर रही है। यह आईपीओ 2,500 करोड़ रुपये से लेकर 3,000 करोड़ रुपये तक का हो सकता है। यूटीआई म्यूचुअल फंड कंपनी अपने इस आईपीओ के माध्यम से शेयर बेचेगी। इस आईपीओ को लाने के लिए निवेश बैंकरों से कंपनी की बातचीत अंतिम दौर में है।

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सेबी के नियम का पालन के लिए लाया जा रहा है आईपीओ

यूटीआई म्यूचुअल फंड में कई कंपनियों की हिस्सेदारी है। सेबी का कहना है कि यूटीआई म्यूचुअल फंड को अपने ढांचे में बदलाव कर नियमों के अनुकूल बनाना होगा। इसके बाद यूटीआई म्यूचुअल फंड आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है। यदि किसी कंपनी में शेयरधारक के पास म्यूचुअल फंड कंपनी की 10 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी होती है, तो वह उसी आकार के दूसरे फंड में उतनी हिस्सेदार नहीं ले सकता। इसके बाद वह कंपनी बोर्ड में नहीं रह सकती है। यूटीआई म्यूचुअल फंड में 4 कंपनियों की हिस्सेदारी 18.5-18.5 फीसदी है। सेबी के नियमों के तहत यूटीआई में हिस्सेदारी रखने वाली कंपनियों को मार्च 2019 तक अपनी हिस्सेदारी घटाकर 10 फीसदी से नीचे लाना है।

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ये हैं यूटीआई म्यूचुअल फंड में

यूटीआई म्यूचुअल फंड में एलआईसी, एसबीआई, पीएनबी और बैंक ऑफ बड़ौदा की हिस्सदेारी है। इनमें से हर कंपनी के पास 18.5 फीसदी हिस्सेदारी है। इनके अलावा अमेरिका की असेट मैनेजमेंट कंपनी टी रो प्राइस के पास यूटीआई एएमसी की बाकी 26 फीसदी हिस्सेदारी है।

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