आदर्श कोऑप‍िरेटिव सोसायटी को लेकर बड़ी कार्रवाई हुई है। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी की कुल 1489 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति जब्‍त कर ली है। इसके अलावा अलग-अलग बैंकों में 24.44 करोड़ रुपये भी जमा किए गए हैं। ये संपत्तियां राजस्‍थान, हरियाणा, नई दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में स्थित हैं।

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जब्‍त संपत्तियों में 1464.76 करोड़ रुपये की जमीन और बिल्डिंग, लगभग 24.44 करोड़ रुपये की अलग-अलग बैंकों में फिक्स डिपॉजिट शामिल हैं। ये सभी संपत्तियां आदर्श समूह के मुकेश मोदी, वीरेंद्र मोदी और उनके परिवार के नाम हैं। रिद्धी सिद्धी ग्रुप के महेंद्र टाक और सौरभ टाक की भी संपत्तियां शामिल हैं। ये सभी प्रॉपर्टी मैन लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत जब्‍त की गई हैं।

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आपको बता दें कि आदर्श क्रेडिट सोसायटी का घोटाला सहकारिता क्षेत्र में देश का सबसे बड़ा घोटाला है। बीते दिनों ही एसओजी ने इसके 40 हजार पन्नों की चार्जशीट पेश की थी। इसमें बताया गया कि मोदी परिवार नीरव, मेहुल, माल्या से भी बड़ा जालसाज था। निवेशकों की रकम हड़पने के अलावा वे जिंदा मवेशियों को भी मरा बताकर क्लेम उठा लेते थे। कभी टैक्सी ड्राइवर और कैसेट रिकॉर्डिंग का काम करने वाले वीरेंद्र मोदी ने अपने भाई मुकेश और भरत के साथ 28 राज्यों में आदर्श सोसाइटी की 806 शाखाएं खोली।

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तो वहीं राजस्‍थान में 309 शाखाएँ खोलीं। इसमें परिवार के 11 लोगों सहित नौकर और ड्राइवर तक को डायरेक्टर बना दिया गया। दोगुना धन जैसे कई झांसे देकर 20 लाख लोगों से 14,800 कराटे रुपए का निवेश किया। निवेशकों की राशि में से 12,414 करोड़ रुपए तो रिश्तेदारों व नौकरों की सैकड़ों फर्जी कंपनियों में बांट दिए। इसके अलावा गाजियाबाद सहित कई जगह संपत्तियां खरीदी।

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