नई दिल्ली। टमाटर, प्याज समेत अन्य वस्तुओं की महंगाई के साथ-साथ इस त्योहारी सीजन में चीनी भी महंगी हो गई है। जबकि देश की चीनी मिलों के पास चीनी का भरपूर भंडार है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में चीनी का भाव बीते एक महीने में 300 रुपये प्रति कुंटल बढ़ गया है। देश के अन्य हिस्सों में भी चीनी के दाम में इजाफा हुआ है। कारोबारी बताते हैं कि त्योहारी सीजन में चीनी की खपत के मुकाबले बाजार में सप्लाई कम होने से कीमतों में तेजी आई है।
खपत से कम चीनी बेचने का जारी हुआ कोटा
सरकार ने अक्टूबर महीने में चीनी मिलों को खुले बाजार में सिर्फ 21 लाख टन चीनी बेचने की अनुमति दी है, जबकि कारोबारी बताते हैं कि अक्टूबर में इस साल दशहरा और दिवाली समेत कई अन्य त्योहार होने के कारण खपत कम से कम 23 लाख टन की है। इस प्रकार खपत के मुकाबले बाजार में चीनी की सप्लाई कम होने से कीमतों में वृद्धि हुई है।
दिल्ली के कारोबारी सुशील कुमार ने बताया कि एक महीने पहले देश की राजधानी में चीनी का थोक भाव 3,350-3,400 रुपये प्रति कुंटल चल रहा था जोकि इस समय गुरुवार को 3,750-3,800 रुपये प्रति कुंटल हो गया। इस प्रकार बीते एक महीने में चीनी के भाव में 300 रुपये प्रति कुंटल का इजाफा हुआ है।
केंद्रीय उपभोक्ता मामले की वेबसाइट पर दी गई कीमत सूची के अनुसार, चंडीगढ़ में एक सितंबर को चीनी का थोक भाव 3,300 रुपये प्रति कुंटल था, जोकि तीन अक्टूबर को बढ़कर 3,600 रुपये प्रति कुंटल हो गया। हालांकि मंत्रालय की वेबसाइट पर अन्य किन्हीं जगहों पर इतनी वृद्धि नहीं बताई गई है, लेकिन कारोबारियों ने बताया कि चीनी का दाम इस त्योहारी सीजन में देशभर में तेज हुआ है। उन्होंने बताया कि सितंबर और अक्टूबर दोनों महीनों में चीनी की देश में जितनी खपत रहती है उससे कम चीनी बाजार में सप्लाई का कोटा दिया गया, जिससे खपत कीमतों में तेजी आई है।
केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की ओर से पिछले महीने 30 सितंबर को जारी एक अधिसूचना के अनुसार, अक्टूबर महीने में देश की 535 चीनी मिलों के लिए कुल 21 लाख टन चीनी बेचने का कोटा तय किया गया है। पिछले साल इसी महीने में सरकार ने चीनी मिलों को 22 लाख टन चीनी देश के बाजारों में बेचने की अनुमति दी थी। पिछले महीने सितंबर के लिए सरकार ने 535 चीनी मिलों को सिर्फ 19.5 लाख टन चीनी बेचने की अनुमति दी थी।
नेशनल फेडरेशन ऑफ को-ऑपरेटिव शुगर फैक्टरीज लिमिटेड (एनएफसीएसएफ) के प्रबंध निदेशक प्रकाश नाइकनवरे ने बताया कि घरेलू बाजार में त्योहारी मांग बढ़ने से चीनी की कीमतों में तेजी आई है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, चीनी की वैश्विक आपूर्ति भी कम है जिससे अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीनी के दाम में वृद्धि हुई है। अगर, यह वृद्धि जारी रही तो भारत चीनी का निर्यात कर पाएगा जिससे देश के चीनी उद्योग की सेहत सुधरेगी।
एनएफसीएसएफ का अनुमान है कि देश में इस साल एक अक्टूबर से शुरू हुए शुगर सीजन में 263 लाख टन चीनी का उत्पादन होगा, जबकि पिछले सीजन में भारत का चीनी उत्पादन 331 लाख टन था और देश से 38 लाख टन चीनी का निर्यात होने और घरेलू खपत के बाद बचा हुआ स्टॉक 145 लाख टन है।
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