कर दरों को लेकर खबरें आ रही हैं कि सरकार पर्सनल इनकम टैक्स रेट्स में भी कुछ बदलाव कर सकती है। मसकद खपत को बढ़ावा देकर ग्रोथ को गति देना है। हिंदुस्‍तान टाइम्‍स की रिर्पोट के अनुसार अधिकारी पुराने इनकम टैक्स कानूनों को आसान करने और टैक्स दरों को तर्कसंगत बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। डायरेक्ट टैक्स कोड (DTC) के लिए बने टास्क फोर्स की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए एक रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसे 19 अगस्त को दाखिल किया गया। मसकद यह है कि ज्यादा से ज्यादा लोग टैक्स कानूनों का पालन करें, टैक्स बेस बढ़े और टैक्सपेयर्स का जीवन आसान हो जाए।

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रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि इस फैसले का सरकारी खजाना पर कितना बोझ पड़ेगा, इस बात को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विकल्पों के बारे में विचार किया जा रहा है। हालांकि, कोशिश यही है कि हर टैक्सदाता को कम से कम 5 पर्सेंटेज का फायदा मिले।

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तो वहीं जिन विकल्पों पर विचार किया जा रहा है, उनमें से एक तो यह है कि 5 लाख से 10 लाख रुपये के बीच टैक्सेबल आमदनी वाले लोगों के लिए 10% का स्लैब लाया जाए। वर्तमान में इस आय वर्ग के लिए 20% का टैक्स स्लैब तय है।

इसके अलावा जिन अन्य विकल्पों पर विचार किया जा रहा है, उनमें सेस या सरचार्ज को हटाना या दूसरे तरह की टैक्स छूट देना भी शामिल है। इसके अलावा, सबसे बड़े स्लैब 30 प्रतिशत को घटाकर 25 प्रतिशत करने पर विचार किया जा रहा है।

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आपको बता दें कि वर्तमान में 3 से 5 लाख रुपए की टैक्सेबल आमदनी वाले लोगों के लिए 5 प्रतिशत की दर लागू है। वहीं, 5 से 10 लाख आयवर्ग के लिए 20 प्रतिशत जबकि 10 लाख से अधिक सालाना आय वालों के लिए 30 प्रतिशत की टैक्स दर लागू है। वहीं, ढाई लाख सालाना तक की आय वालों के लिए कोई इनकम टैक्स नहीं है।

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इस बारे में एक्‍सपर्ट का मानना है कि कर दरों को लेकर अंतिम निर्णय के बारे में दिवाली से पहले ऐलान किया जा सकता है। सरकार को उम्मीद है कि इससे तुरंत डिमांड बढ़ेगी और ग्रोथ स्‍पीड देने में मदद मिलेगी।