छोटे उद्योगों को लेकर वित्तमंत्री ने बड़ा बयान दिया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सभी मंत्रालयों को पूंजीगत व्यय बढ़ाने और छोटे उद्योगों का बकाया भुगतान जल्द चुकाने का निर्देश दिया है। सीतारमण ने दिल्ली में प्रमुख मंत्रालयों के सचिवों और वित्तीय सलाहकारों के साथ एक बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। यह बैठक चालू वित्त वर्ष में अब तक कुल पूंजीगत व्यय और तीसरी और चौथी तिमाही में संभावित पूंजीगत व्यय की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी।
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सभी मंत्रालयों को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम स्तर के उद्योगों का बकाया भुगतान शीघ्र से शीघ्र करने को कहा गया है। अगले कुछ दिनों में छोटे उद्योगों का बकाया चुकाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। छोटे उद्योगों के विकास के लिए पूंजी की उपलब्धता एक प्रमुख समस्या मानी जा रही है। कई छोटे उद्योग कार्यशील पूंजी की कमी के कारण भारी संकट का सामना कर रहे हैं।
इससे पहले हाल में वित्त मंत्री ने कहा था कि छोटे उद्योगों की भुगतान की समस्या पर ध्यान दिया जाएगा। छोटे उद्योगों को रोजगार सृजन का मुख्य जरिया माना जाता है। सीतारमण ने बैठक में चालू वित्त वर्ष के पूंजीगत व्यय के लक्ष्य को भी पूरा करने पर जोर दिया। इसके लिए सभी मंत्रालयों की भविष्य की योजनाओं की समीक्षा की गई।
इस दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अर्थव्यवस्था को गति देने और मांग में तेजी लाने के लिए सरकार की ओर से सभी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी दिशा में शनिवार यानी आज सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (पीएसयू) और अन्य एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी।
बैठक में क्या फैसला लिया जाएगा, क्या काम होगा इन सबके बारे में पता चलेगा।
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