नई दिल्ली: एसबीआई ने अपने ग्राहकों की सुविधाओं का खास ख्याल रखते हुए एक फैसला लिया है। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने जीरो बैलेंस खातों को लेकर अपने नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। एसबीआई ने अब इस तरह के खातों पर दी जाने वाली सुविधाओं को और बढ़ा दिया है। जानकारी दें कि भारतीय रिजर्व बैंक की गाइडलाइंस के मुताबिक, एसबीआई ने बदलाव किए हैं। नई सुविधाएं लेने के लिए ग्राहकों को केवाईसी के नियम पूरे करने होंगे। 1 अक्टूबर से सस्ती होंगी ये चीजें, आप भी जान लें ये भी पढ़ें
बैंकिंग सिस्टम से जोड़ने के लिए जीरो बैलेंस खातों की हुई शुरूआत
बता दें कि जीरो बैलेंस खातों को बेसिक सेविंग्स बैंक डिपोजिट अकाउंट कहते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पिछले कार्यकाल में गरीब वर्ग के लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ने के लिए जीरो बैलेंस खातों की शुरूआत की थी। इस तरह के खातों को किसी भी सरकारी बैंक में खोला जा सकता है। सरकारी बैंकों के बाद प्राइवेट बैंकों ने भी जीरो बैलेंस खाता खोलना शुरू कर दिया था।
जीरो बैलेंस खाताधारक को मिलेगा इंटरनेंट बैंकिंग सुविधा
हालांकि जीरो बैलेंस खातों पर अभी तक डेबिट कार्ड की सुविधा मिलती थी, लेकिन अब एसबीआई ने इन सुविधाओं में इजाफा किया है। जीरो बैलेंस खाताधारक को डेबिट कार्ड तो मिलेगा ही साथ ही इंटरनेंट बैंकिंग भी सुविधा मिलेगी। वहीं डेबिट कार्ड से महीने में 4 बार बिना किसी चार्ज के कैश निकालने की भी सुविधा मिलेगी। इन सहूलियतों के लिए जीरो बैलेंस अकाउंड होल्डर का अपने खाते में मिनिमम या मैक्सिमम बैलेंस रखने की जरूरत नहीं है। इसमें अन्य सेविंग अकाउंट की तरह की ब्याज मिलता है।
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