मध्यप्रदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। यहां पर कांग्रेस सरकार ने न केवल पेट्रोल-डीजल बल्कि शराब का भी दाम बढ़ा दिया है। एमपी में भारी बारिश के कारण हुए व्यापक नुकसान के मद्देनजर अतिरिक्त राजस्व जुटाने के लिए राज्य सरकार ने शराब, पेट्रोल और डीजल पर 5 प्रतिशत वैट लगाने का फैसला किया है।
बता दें कि इस मानसून के दौरान भीषण बारिश के कारण राज्य को 12,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि अस्थायी रूप से पांच प्रतिशत मूल्य वर्द्धित कर (वैट) लगाया गया है। नई बिक्री लागू होने के बाद अब प्रदेश की जनता को पेट्रोल पर 28 की जगह 33 प्रतिशत और डीजल पर 18 की जगह 23 प्रतिशत वैट देना होगा। वहीं शराब पर 10 फीसदी वैट देना होगा।
शुक्रवार रात बारह बजे से प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और शराब पर वैट टैक्स बढ़ाए जाने के बाद से शनिवार से इसकी नई दरें लागू हो चुकी हैं। इससे प्रति लीटर औसत पेट्रोल 2 रुपए 91 पैसे और डीजल 2 रुपए 86 पैसे खर्च हो सकता है। बता दें कि इससे पहले छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर वैट में दी गई रियायत को खत्म कर दिया था।
एमपी सरकार का खाली खजाना भरने के लिए पेट्रोल और डीजल के दामों में की गई इस वृद्धि का सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा। लोगों को एक तरफ जहां निजी वाहनों के लिए बढ़ी दरों पर पेट्रोल खरीदना होगा, वहीं डीजल के मूल्य बढ़ने का असर बाजार पर भी दिखेगा।
जुलाई में ही सरकार पेट्रोल-डीजल पर 2 रुपए प्रति लीटर स्पेशल ड्यूटी लगा चुकी है। स्पेशल ड्यूटी लगाते समय भी यह अनुमान लगाया गया था कि राज्य सरकार को 800 से 1000 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। लेकिन अब पेट्रोल-डीजल पर 5 प्रतिशत और शराब पर 10 प्रतिशत वैट की मात्रा बढ़ाने से राज्य सरकार को हर महीने 225 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी। गौरतलब है कि जुलाई के पहले पखवाड़े में केंद्र सरकार ने सेस लगाया तो मध्य प्रदेश सरकार ने भी लगे हाथ दो रुपए विशेष शुल्क लागू कर दिया था।
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